Major Movements

The historical journey of struggles and public movements led by Dr. Kirodi Lal Meena

2000 - जुलाई 200226% Complete
2000 - जुलाई 2002

2000 - जुलाई 2002

Timeline

Total Movements

116+

Batch

7

Movements: 151-175
151

2000

राज्य में कांग्रेस राज्य के दौरान एस.टी/एस.सी की महिलाओं के विरूद्ध बढ रहे अपराधों को लेकर आन्दोलन।

152

हलैना हत्याकांड को लेकर भुसावर थाने पर सैकड़ों लोगों के साथ धरना दिया गया।

153

गजेन्द्र प्रकरणः-

154

5.6.2000

सिपाही दामोदर के हत्याकांड को लेकर 5.6.2000 को धरना दिया गया।

155

19.6.2000

धर्मेन्द्र मेघवंशी की अजमेर में पुलिस हिरासत की मौत में कार्यवाही को लेकर 19.6.2000 को जयपुर में धरना दिया गया।

156

10.7.2000

जिला सवाईमाधोपुर के चैथ का बरवाडा क्षेत्र के बघीना गांव में हुए नरसंहार में अपराधियों की गिरफ्तारी को लेकर 10.7.2000 को सवाईमाधोपुर मुख्यालय पर धरना दिया गया।

157

10.8.2000

ग्राम सलालपुर गंगापुर में मिट्ठू माली के अपहरण को लेकर उपखण्ड कार्यालय गंगापुर पर धरना।

158

नवम्बर 2000

शांति मीणा आत्मदहा प्रकरणः- बस्सी चक में शांति मीणा के परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने के लिए नेशनल हाईवे-11 पर चक्का जाम कर दिया। जेडीए की कार्यवाही के दौरान शांति का मकान तोड दिया जिससे उसने तेल छिडक कर मौके पर ही आत्मदाह कर लिया। आन्दोलन के कारण कलेक्टर मौके पर पहुंचे तथा ठोस कार्यवाही के बाद आन्दोलन समाप्त कर दिया।

159

2000

आमेर में विदेशी महिला के अत्याचार को लेकर आन्दोलनः- एक विदेषी महिला श्रीमती रश्मि डिकिन्सन वीजा पर विदेष (इग्लैण्ड) से भारत यात्रा पर आई और उसने यहां सरकार से सांठ-गांठ कर कोडियों के भाव में आमेर फोर्ट के पास जमीन खरीद ली। वीजा पर आया कोई विदेषी ट्स्ट गठित कर हमारे देष में जमीन नही खरीद सकता किन्तु रश्मि डिकिन्सन ने यह कमाल कर दिखाया। आमेर में आदिवासियों की जमीन पर फर्जी कागजात बनवाकर कब्जा कर लिया। राष्ट्ीय अध्यक्ष श्री मुरली मनोहर जोषी जी ने भी इसकी सिफारिष की तथा श्रीमती वसुन्धरा राजे ने भी इसे सपोट किया, 10 जनपथ से भी इसे सहयोग प्राप्त था जिस कारण इस संदेह के घेरे में आई महिला को गहलोत सरकार ने इसे जमीन दे दी। किन्तु मैने इसके खिलाफ आन्दोलन किया तथा इस विदेषी महिला के पैर नही टिकने दिये एवं गैर कानूनी रूप से हांसिल की गई जमीन से कब्जा हटवाकर आदिवासियों को कब्जा बहाल करवा दिया।

160

2001

रामगढ पचवारा प्रकरणः- ग्राम आभानेरी में हुए एक विवाह को लेकर पुलिस प्रशासन ने गांव के करीबन 13 नर-नारियों को गिरफ्तार कर लिया, ये सारे गिरफ्तार लोग निर्दोष थे। इसके लिए बड़ी सभा के बाद थाने के सामने विशाल धरना दिया गया और रविवार के दिन दौसा सर्किट हाउस में अदालत में सुनवाई करने के बाद ।ब्श्रड ने सभी लोगों को छोड़ दिया।

161

2001

सवाईमाधोपुर में धमान्तरण के विरूद्ध आन्दोलन।

162

2001

ओलवाडा एवं इंदिरा लिफ्ट सिंचाई योजना की स्वीकृति हेतु 20 अक्टूबर 2001 को सवाईमाधोपुर कलेक्ट्रेट पर धरना।

163

दिस. 2001

खण्डार, बामनवास, कैलादेवी, गंगापुर, टोडाभीम की विभिन्न घटनाओं को लेकर आन्दोलन।

164

2001

राष्ट्र विरोधी तत्वों के खिलाफ आन्दोलनः- सन् 2001 मेे ग्राम मलारना डूंगर एवं बहतेड (जिला सवाईमाधेापुर) में सिमी की राष्ट्र विरोधी गतिविधि चरम पर थी। 15 अगस्त के दिन मलारना डूंगर की उच्च माध्यमिक विद्यालय में राष्ट्र विरोधी तत्वों ने तालिबान के समर्थन में नारे लिख दिए, दीवारों पर पाकिस्तान जिन्दाबाद लिख दिया। राष्ट्रगान का विरोध किया। इसको लेकर सवाईमाधोपुर में 7 दिवसीय धरना दिया गया तथा ऐसे राष्ट्र विरोधी तत्वों को चिन्हित कर गिरफ्तारी की मांग की गई। इस राष्ट्र विरोधी अभियान में मलारना डूंगर एवं बहतेड के कुछ लोगों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार करने के बाद धरना समाप्त कर दिया।

165

2001

फूलचन्द हत्याकाण्ड सांगानेर को लेकर आन्दोलन।

166

18.2.2002

जेडीए जयपुर की कई महत्वपूर्ण जमीनों पर भू-माफियाओं ने कब्जा कर लिया। इसे लेकर 18.2. 2002 को जेडीए का घेराव किया गया।

167

फरवरी 2002

खण्डार के सोन कच्छ में सुषीला गुर्जर की हत्या को लेकर धरना।

168

2002

गंगापुर गोली कांडः- गंगापुर सिटी (जिला सवाईमाधोपुर) में बालाजी चैक वाले हुनमान जी के मंदिर में हर वर्ष की भांति काफी श्रद्धालु 25 मार्च 2002 को हवन यज्ञ के दर्शनार्थ उपस्थित थे। बिना कोई पूर्व चेतावनी के पुलिस ने श्रद्वालुओं को चारों तरफ से घेरकर लाठियांे से मारना पीटना शुरू कर दिया। इस कारण अफरा-तफरी मच गई। श्रद्वालु अपने बचाव में इधर-उधर मागने लगे इसी बीच तत्कालीन उपखण्ड अधिकारी वृत्ताधिकारी, थानाधिकारी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने गोलियां चलाना शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उपखण्ड अधिकारी के हाथ में रिवाल्वर था जिससे वो गोलियां चला रहा था तथा निर्दोष लोगों पर अंधा-धुन्ध गोलियों की बौछार होने लगी जिसमें धर्मसिंह तो गोली लगने से ढेर हो गया और उसकी मृत्यु हो गई। अनेक लोग गोलियों की बौछारों से घायल हो गये। उक्त अधिकारीगण एवं पुलिसकर्मी भागते हुए श्रद्वालुओं का पीछा करते हुए गोलियां चलाते रहे। वकील कैलाशचन्द शर्मा का आॅफिस (जो कि एक मंजिल पर है) में खडे सतीश चन्द को पुलिस ने गोलियों से भून डाला उसे जान से मार डाला। इस प्रकार पुलिस अधिकारियों एवं उपखण्ड अधिकारी की तानाशाही के कारण तीन युवक शहीद हो गये एवं अनेकों घायल हो गये उनमें से कई तो आज तक भी विकलांग है। इस घटना के बाद शहर में अचानक कफ्र्यू लगा दिया गया जिससे घायलों को चिकित्सा दिलाना भी असंभव हो गया, अनेक गंभीर घायलों को जयपुर के सवाईमानसिंह अस्पताल में भर्ती कराया गया। मैने प्रशासन की इस घिनौनी घटना के विरोध में जनसमर्थित आन्दोलन किया तथा पूरी पार्टी ने इसे दमदारी से उठाया, हिन्दू संगठन भी इसमें कूद पडे़, प्रतिपक्ष के नेता, एक दर्जन विधायक भी गंगापुर इस आन्दोलन में शामिल हुए। आखिर में पुलिस सहित उपखण्ड अधिकारी को निलंबित किया गया तथा हत्या का मुकदमा दर्ज किया, न्यायिक जांच के आदेश सरकार ने किए। दो बार

169

2002

गढहिम्मतसिंह गांव के बबलू गुर्जर की बदमाशों ने हत्याकर दी उसको इंसाफ दिलाने हेतु धरना।

170

2002

पांचना पानी को लेकर आन्दोलन - पांचना के पानी को छोडे जाने के लिए जन समर्थित आन्दोलन किया गया किन्तु बगलाई के एक युवक की मौत के बाद उसे स्थगित कर दिया गया।

171

2002

मीणा छात्रावास प्रकरण सवाईमाधोपुर हेतु आन्दोलन।

172

2002

सवाईमाधोपुर में लटिया नाले को सूरवाल बांध में डाले गाव के लिए 22 जुलाई 2002 को सवाईमाधोपुर में धरना।

173

2002

चम्बल नदी की इंदिरा लिफ्ट सिंचाई योजना को स्वीकृत कराने के लिए 20 अक्टूबर 2002 को सवाईमाधोपुर कलेक्ट्रेट पर धरना।

174

2002

पुलिस द्वारा शराब माफियाओं से मिलकर बस्सी क्षेत्र में शराब का अवैध कारोबार करने पर जयपुर में धरना।

175

जुलाई 2002

टोडाभीम तहसील की 11 पंचायतों को दौसा में शामिल करने एवं मण्डावर को उपतहसील बनाने के लिए आन्दोलन।