Major Movements

The historical journey of struggles and public movements led by Dr. Kirodi Lal Meena

17.8.2010 - 201041% Complete
17.8.2010 - 2010

17.8.2010 - 2010

Timeline

Total Movements

116+

Batch

11

Movements: 251-275
251

17.8.2010

कई वर्षो से राज्य में एस.टी/एस.सी वर्ग के छात्रों की छात्रवृति का वितरण नहीं किया जा रहा था। छात्रवृति की राशि बढाने तथा पेंडिंग छात्रवृति के वितरण हेतु शासन सचिवालय के पास स्थित अम्बेडकर प्रतिमा के पास धरना दिया गया।

252

18.9.2010

एडीजे प्रकरण को लेकर जयपुर में धरनाः- राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा में ।क्श्र चयन में अनियमितता की उसे लेकर जयपुर हाईकोर्ट कैम्पस में धरना दिया गया।

253

5.10.2010

बांडी बचाओं हेतु नदी में ही सैकडों लोगों के साथ धरना दिया गया।

254

2010

निजी लैब द्वारा सरसों तेल की माप घोटाला पर आन्दोलन।

255

2010

प्रमोद माली हत्याकांडः- ग्राम चैंडियाबास (तहसील लालसोट) की एक माली जाति की विधवा के एक मात्र पुत्र प्रमोद माली को समाज कंटकों ने मारकर मिट्टी में गाड़ दिया। 11 महीने निकलने के बाद भी पुलिस ने कुछ नहीं किया। विधवा का रो-रो कर हाल खराब था। बुढापे का एक मात्र साहरा चल बसा। डा. मीणा ने जब पुलिस से पूछा तो पुलिस ने बताया कि प्रमोद कहीं गायब हो गया। डाक्टर मीणा को कहां विश्वास होना था खुद ही गांव में तीन दिन रूक कर पूरे प्रकरण की खुद ने जांच कर हत्यारों को पकड़ लिया और मजमे आम जमीन से नरकंकाल खुदवाकर निकलवाया पुलिस को बुलाकर हत्यारों को सुपुर्द कर दिया, वे तीनों अपराधी मीणा जाति के थे। विधवा को अपनी जेब से 50 हजार का सहयोग दिया कितना गहरा दर्द है गरीब के लिए इस नेता का।

256

2010

उदयपुर कोटडा (उदयपुर) में 33 आदिवासी भूख से मर गये थे उसको लेकर आन्दोलनः-मुझे पता लगा है कि इस क्षेत्र में लोग भुखमरी के शिकार है तथा भूख से मौते हो रही हैं। पीडीएस का गेहॅूं नहीं मिल रहा इस कारण झेर गांव के लोगों ने चुनाव का बहिष्कार भी कर दिया। मैं झेर गांव पहुंच गया जहां देखा कि एक नहीं 33 आदिवासी भूख के कारण मर गये सबको भरकर उदयपुर ले गया और कलेक्टर के दरवाजे पर बैठ गया। मांग की इन्हें रोटी दो, रोजी दो। वहीं धरने पर मैने इनका स्वास्थ्य परीक्षण करवाया तो भ्ठ 2ण्5 उह से 4 उह निकला, सोचा कैसे जिन्दा हैं ये लोग। कई दिनों के धरने के बाद सरकार ने कोटड़ा के झेर गांव सहित कई गांवों में अनाज की व्यवस्था की। रोजगार सृजित किए। कुछ दिन बाद वहां सड़क का काम भी चलने लगा, बिजली के खम्भे खड़े होने लगे, एक एनीकट का निर्माण कार्य चालू हुआ। स्कूलों में मास्टर जाने लगे तथा डाक्टर एवं नर्स भी उन्हें संभालने लगे। मैने तय किया कि समूचे आदिवासी की समस्याओं के समाधान के लिए बड़ा मजबूत जनसमर्थित आन्दोलन खड़ा किया जाये। इस दृष्टि से आदिवासी क्षेत्र का चप्पा-चप्पा नापा। व्यापक तैयारी से भयभीत होकर सरकार ने मुझे उदयपुर की एक होटल से गिरफ्तार कर जिला बदर कर दिया। मेरे कुछ समर्थकों को गिरफ्तार कर जेल के सींखचों में डाला। उन्हें यातनाएं दी गई। एक तरह से सरकार ने आदिवासियों के उत्थान के लिए चलाएं जाने वाले अभियान को रोकने का कुत्सित प्रयास किया। इस आन्दोलन में आदिवासी क्षेत्र की जनता का भरपूर सहयोग मिला। मैं सरकार की विशेष पाबंदियों के बाद भी नहीं रूका। मैं मेरी धर्मपत्नी सहित कोटड़ा के गांवों में गये और विशेष कैम्प लगाकर उनको गेहॅू वितरण के कार्य किए। आदिवासी अंचल के अनेक क्षेत्रों में वहां की समस्याओं को लेकर बराबर संघर्ष करता रहा जिससे सरकार भी जागी एवं वहां के आदिवासी नेता भी सक्रिय हुए जिससे आदिवासियों को बहुत राहत मिली। तीन बार।

257

2010

उदयपुर में आदिवासियों की भुखमरी को लेकर पुनः आन्दोलन किया गया जिसके कारण सरकार ने उदयपुर की एक होटल से गिरफ्तार कर जिला बदर कर दिया तथा उदयपुर प्रवेश पर पाबन्दी लगा दी। उस दौरान मेरे एक दर्जन समर्थकों को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया जिन्हें 10 दिन बाद में छोडा।

258

2010

एस.टी/एस.सी छात्रों की छात्रवृति को लेकर आन्दोलन।

259

2010

थाना महवा के सात भ्रष्ट पुलिसकर्मियो को लाइन हाजिर कराने हेतु आन्दोलन।

260

2010

गंगापुरसिटी में पुल निर्माण की मांग को जनआन्दोलन।

261

2010

गंगापुरसिटी में बिगडती कानून की स्थिति को लेकर उपखण्ड अधिकारी कार्यालय का घेराव।

262

मण्डावरी प्रकरण को लेकर आन्दोन।

263

2010

गिरीश अग्रवाल हत्याकाण्ड को लेकर करौली में धरना- हिण्डौन में एक व्यापारी गिरीश अग्रवाल को सरेआम चाकू मारकर हत्या कर उसे लूट लिया। लुटेरो को गिरफ्तार करने के लिए करौली में धरना दिया।

264

2010

सैल्स टैक्स चोरी प्रकरण लालसोट में धरना।

265

2010

84 कोश परिक्रमा में हो रहे अवैध खनन को लेकर उपखण्ड अधिकारी कामां के यहां विशाल धरना दिया गया।

266

2010

पांचना बांध के पानी खोले जाने हेतु खण्डीप रेल्वे स्टेशन पर धरना। यहां से सैकड़ों महिलाओं को रेल में भरकर सवाईमाधोपुर ले गये जहां कलेक्टेªट कैम्पस में तीन दिन तक धरना दिया।

267

2010

पांचना में पानी छोडने हेतु आन्दोलन पीलौदा स्टेशन पर धरना। उस दिन के आन्दोलन को लेकर डा. किरोडीलाल एवं उनके समर्थकों पर धारा 144 के उलंघन के दो मुकदमें भी दर्ज कर लिए।

268

2010

कामा पुलिस ने दुभार्वना से ग्रसित होकर शेरखां सरपंच को गिरफ्तार किया था उसे छुडाने के लिए रात भर समर्थकों के साथ धरना दिया।

269

2010

एस.टी आरक्षण को लेकर जयपुर में 2 अक्टूबर को विशाल रैली कर करने के बाद धरना।

270

2010

जोबनेर विश्वविद्यालय के नामकरण हेतु जोबनेर नगरपालिका चैयरमेन के साथ जोबनेर में धरना।

271

2010

पीलोडी (सिकन्दरा) महात्मा हत्याकाण्ड नेशनल हाईवे 11 पर स्थित अपनी कुटिया में रह रहे एक बाबा को अपराधी मार गये एवं कीमती सामान एवं नकदी लेकर पार हो गये। इस पर मैने आन्दोलन किया और वारदाती पकडे गये।

272

2010

ग्राम कवई (बारां) में अडानी समूह की फैक्ट्री में स्थानीय लोगो को रोजगार नहीं देने के उपलक्ष में प्लांट के सामने धरना दिया।

273

2010

छबडा-छीपाबडौद में किसानों की समस्याओं को लेकर धरना।

274

2010

कानून की बिगडती स्थिति पर बांदीकुई में धरना।

275

2010

पानी की मांग करते समय पुलिस ने लाठीचार्ज किया इस दौरान गुड्डी देवी महावर का पुलिस की लात मारने से उसका गर्भ गिर गया इस अन्याय के खिलाफ धरना दिया।