Major Movements

The historical journey of struggles and public movements led by Dr. Kirodi Lal Meena

2011 - 201248% Complete
2011 - 2012

2011 - 2012

Timeline

Total Movements

116+

Batch

13

Movements: 301-325
301

2011

8 मार्च 2011 को जन्तर मन्तर नई दिल्ली पर छब्ज् में ैज् के 7.5 प्रतिशत आरक्षण को लेकर प्रदर्शन एवं पार्लियामेन्ट थाने में गिरफ्तारी।

302

2011

27 मार्च 2011 को जनुसूचित जाति/जनजाति आरक्षण मंच राजस्थान को लेकर उद्योग मैदान जयपुर में धरना।

303

2011

कोलवा ग्राम (जिला दौसा) को फ्लेग स्टेशन से क्रोसिंग स्टेशन में परिवर्तित करने के लिए 25.3. 2011 को आन्दोलन।

304

2011

जयपुर में छात्रवृति की मांग को लेकर छात्रों पर किए लाठीचार्ज को लेकर 14 अप्रेल 2011 को गृहमंत्री के निवास पर धरना।

305

2011

पेट्रोल-डीजल की महंगाई, आतंकवाद, अलगाववाद, बढते अत्याचार के खिलाफ दौसा से जयपुर कूच दिनांक 17.2.2011 साथ में मोटर साईकिल रैली एवं बैलगाडी यात्रा।

306

2011

अपोलो कालेज आफ वेरिटिनरी मेडीसिन के छात्रों के साथ 27.11.2011 को जयपुर के सिविल लाइन फाटक पर प्रदर्शन एवं धरना।

307

2011

18.10.2011 टीचर्स त्मबतनपजउमदज के लिए शिक्षा मंत्री के निवास पर धरना।

308

2011

आदिवासी (ज्ैच्) एरिया की समस्या एवं कोटडा के झेर गावं में भूख से हुई मौतो को लेकर गोलमा एवं डा. किरोडीलाल का 9 दिवसीय धरना 11.4.2011 जयपुर सिविल लाइन फाटक पर।

309

2011

उदयुपर की कोटडा तहसील के झेर गांव में भूख से हुई मौतो को दूसरी बार आन्दोलन करने पहुंचे तो 5 अप्रेल 2011 को गिरफ्तार कर जिला बदर कर दिया।

310

2011

15 दिसम्बर 2011 को सहकारिता मंत्री परसादी लाल विधानसभा अध्यक्ष श्री दीपेन्द्रसिंह शेखावत के विरूद्ध दर्ज हत्या के प्रकरणों में कार्यवाही को लेकर जयपुर स्थित गृहमंत्री के निवास पर धरना।

311

दिसम्बर 2011

बालाजी में फर्जी कारिस्तानी कर वन भूमि में अवैध पट्टे जारी करने को लेकर रेन्जर कार्यालय पर धरना।

312

2012

उदयपुर में आदिवासी छात्रों की मांगों को लेकर खैरवाडा में आन्दोलन किया गया

313

2012

नोहर हत्याकाण्ड हनुमानगढ को लेकर नोहर एवं जयपुर में धरना।

314

2012

कृषि उपज मण्डी समिति लालसोट के गेहॅू घोटाले पर धरना- लालसोट मंडियों के व्यापारियों द्वारा किसानों की गेहॅू खरीद में भारी घपले किए जिसको लेकर मण्डी गेट पर तीन दिन तक धरना दिया उसके बाद घपले बाजों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ।

315

2012

पिनान (अलवर) चतुर्भज महाराज की मूर्ति चोरी काण्ड को लेकर पिनान धरना।

316

2012

छारेडा, सिण्डौली एवं लवाण मूर्ति चोरी को लेकर रेल रोको आन्दोलन।

317

2012

शेषा-दीवाडा काण्ड:- जिला सवाईमाधोपुर के ग्राम दीवाडा के तालाब में दलित समाज के लोग अपनी पुश्तैनी जमीन पर सदा से खेती करते आये हैं किन्तु शेषा के मुस्लिम समाज के लोगों को यह नागवार गुजरा और उन्होने दिनांक 16.2.2001 को दिन के 12.00 बजे 400-500 की तादात में दीवाडा गांव के लोगों पर प्राणघात हथियारों से लैस होकर हमला कर दिया। माइक से वो नारे लगा रहे थे कि हिन्दूस्तान मुर्दाबाद, पाकिस्तान जिन्दाबाद, तालिबान जिन्दाबाद। हिन्दूओं को मार डालो इन काफिरो को यहां से भगाओ आदि कहते हुए इस भीड़ ने दीवाड़ा गांव के लोगों पर कुल्हाडी, गंडासे, तलवार आदि से मार काट चालू कर दी, जिससे दर्जनों निहत्थे लोग गंभीर रूप से घायल हो गये कई को अचेत एवं गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस मामले को लेकर थ्प्त् छव 214/2001 थाना मलारना डूंगर में दर्ज की गई जिसमें 42 लोगों के साथ 400 अन्य को नामजद किया गया। उस भंयकर हमले के कारण गांव खाली हो गया। हमलावरों को गिरफ्तार कराने, खाली गांव को बसाने तथा दलित आदिवासी की जमीन पर पुनः कब्जा कर बसाने के लिए डा. किरोड़ीलाल ने अपने समर्थको के साथ सवाईमाधोपुर कलेक्ट्रेट पर 7 दिन तक धरना दिया। सभी अपराधियों को गिरफ्तार करवाया दलित आदिवासियों को गांव में लाकर बसवाया तथा उनकी पुश्तैनी जमीन पर काबिज कराकर ही आन्दोलन समाप्त किया।

318

2012

मध्यप्रदेश मुरैना एव श्योपुर में डकैतों के खिलाफ सभा एवं पदयात्रा:-मध्यप्रदेश में डकैत रमेश सिकरवार का जबरन आतंक था । अपने समय में उसने अनेको लोगों को मौत के घाट उतार दिया। 2012 में गावं कैमाराकलां (जिला मुरैना) में दो पशु पालकों को उसने मार डाला इससे लेाग भयभीत होकर गांव छोडने लगे। उसने करीबन 1000 बीघा जगंलात की जमीन पर कब्जा कर लिया जिस कारण गांव के लोग वहां पशु नहीं चरा सकते थे। कैमाराकला में एक विशाल सभा आयोजित कर बीहडो में कूच का ऐलान करते ही कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक मौके पर ही आ गये उन्होने जनता को भरोसा दिया कि डकैत से जंगल की जमीन को खाली करवायेंगे। आन्दोलन के बाद मध्यप्रदेश शासन ने डकैत को गिरफ्तार कर 1000 बीघा जंगलात की जमीन को डकैत से खाली करवा दिया। पीडित परिवारों को 5-5 लाख रूपये के आर्थिक पैकेज दिया तथा उन्हें हरियारों के लाईसेन्स भी दिये।

319

2012

डाबडा (सपोटरा) काण्डः- बदमाशों ने सपोटरा में एक टैªक्टर चालक की हत्या कर उसके टैªक्टर को ले गये। तीन दिन के घरने के बाद हत्यारों को गिरफ्तार कर टैªक्टर बरामद करवाया किन्तु दुर्भावना से ग्रसित होकर हमारे खिलाफ पुलिस ने दो मुकदमें दर्ज कर डाले।

320

2012 किशनलाल मेघवाल हत्याकांडः-छतरगढ के 465 त्क् पर दलित युवक किशनलाल मेघवाल को

पुलिस ने मारकर नहर में डाल दिया। इस घटना को लेकर जनता में भारी रोष व्याप्त हो गया। पुलिस ने इस घटना को आत्म हत्या का रूप दे दिया जबकि यह हत्या पुलिस पिटाई के कारण हुई थी। इस घटना को लेकर उग्र आन्दोलन किया मुझे दो बार बीकानेर जाकर प्रदर्शन करना पडा आखिर जाकर302 का मुकदमा दर्ज हुआ तथा आन्दोलन का परिणाम था कि हत्यारे पुलिस वाले पकडे गये। विधायक श्रीमान गोविन्द मेघवाल की अगुवाई में यह आन्दोलन चला। दो बार।

321

2012

अलवर जिले में बिगडती कानून व्यवस्था को लेकर अलवर के शिवाजी पार्क थाने पर धरना।

322

2012

अलवर में मण्डी 24.8.2012 व्यापारियों द्वारा बोनस पर गेहॅू खरीद में की जा रही अनियमितताओं को लेकर कृषि उपज मण्डी समिति प्रांगण अलवर में एक दिन का सांकेतिक धरना दिया।

323

2012

अम्बेडकर मूर्ति प्रकरण बांदीकुई में किए आन्दोलन को लेकर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया।

324

2012

विधानसभा क्षेत्र लालसोट में बिजली की समस्या एवं बिगडती कानून की स्थिति पर धरना दिया।

325

2012

फागी प्रकरण को लेकर आन्दोलनः-फागी थाने में पुलिस ने दो पूर्व सरपंचों को बेरहमी से मारा पीटा। इसको लेकर शहर में तनाब फैल गया। जिससे पुलिस ने दो दर्जन से ज्यादा लोगों को हिरासत में ले लिया। थाने में बंधी को लेकर थानेदार तथा अन्य स्टाफ में विवाद हुआ था हाथापाई देख ये दोनो सरपंच बीच बचाव करने थाने में पहुंच गये जहां इनको पुलिस ने उल्टा बुरी तरह से मारा पीटा। मार पीट करने के बाद पुलिस ने संगीन जुर्म में मुकदमा भी दर्ज कर लिया। दोनों सरपंच सहित अनके दर्जन लोगों को मुकदमें से बचाने तथा दोनों की निर्ममता पूर्वक पिटाई करने वाले पुलिस कर्मियों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही किये जाने हेतु थाने के सामने तीन दिन तक धरना दिया।