Major Movements

The historical journey of struggles and public movements led by Dr. Kirodi Lal Meena

2020 - 28.2.2381% Complete
2020 - 28.2.23

2020 - 28.2.23

Timeline

Total Movements

116+

Batch

22

Movements: 2-17
2

2020

10.10.20 3.4.21 2019 पुजारियों की हत्या प्रकरणः- बाबूलाल वैष्णव (पुजारी) हत्या काण्ड ग्राम बूकना (जिला करौली)- ग्राम बूकना में मंदिर माफी की जमीन पर कब्जा करने की नीयत से दबंगों ने पुजारी बाबूलाल वैष्णव को पेट्रोल छिडक कर जिन्दा जलाकर मार दिया जिसको लेकर डा. किरोडीलाल ने शव को लेकर दिनांक 11.10.2020 को धरना दिया। दिनांक 13.10.2020 को सरकार ने मृतक परिवार को 10 लाख रूपये की आर्थिक सहायता राशि एवं सरकारी नौकरी की घोषणा की तथा अपराधियों को गिरफ्तार किया जब आन्दोलन समाप्त किया। शम्भू पुजारी हत्याकांड- ग्राम टीकरी जाफरान तहसील महवा (जिला दौसा) में दबंगों ने पुजारी की 2 बीघा खातेदारी की जमीन एवं 26 बीघा मंदिर माफी की जमीन में फर्जी कारिस्तानी कर गूंगे बहरे शम्भू पुजारी पर दबाव बनाकर जबरन अपने नाम रजिस्ट्री करा ली तथा पुजारी को मार दिया उसे लेकर डा. किरोडीलाल ने पहले छः दिन तक महवा थाने (जिला दौसा) पर शव को लेकर धरना दिया जब वहां न्याय नही मिला तो पुलिस के जबरदस्त पहरे के बाद भी डा. किरोडीलाल पुजारी के शव को लेकर मुख्यमंत्री के जयपुर स्थित निवास के सामने सिविल लाइन फाटक पर धरना देकर बैठ गये। जयपुर में चार दिन तक पुजारी के शव को लेकर धरने पर बैठे रहे, अन्त में सरकार को झुकना पडा और अपराधियों को गिरफ्तारी सहित दूसरी सारी मांगो को मानना पडा। मन्नू शर्मा (पुजारी) हत्याकांडः- जयपुर शहर के खो नागोरियान थानान्तर्गत मुसलमानों ने एक हाॅकर मुन्नालाल शर्मा जो पुजारी भी था कि गर्दन काटकर हत्या कर दी। शर्मा की विधवा पत्नी फरियाद लेकर जब थाना खोनागोरियान पहुंची तो पुलिस के थानेदार द्वारा उसको अपमानित किया गया तथा उसके साथ गये बस्सी के पूर्व विधायक श्री कन्हैयालाल, बगरू के पूर्व विधायक श्री कैलाश वर्मा एवं अन्य अनेक कार्यकर्ताओं पर बर्बर लाठीचार्ज किया, जिससे अनेक लोग घायल हो गये। पुलिस की बर्बरता को देख डा. किरोड़ीलाल खोनागोरियान थाने पर पहुंच गये जहां थाने का घेराव कर थाने पर ही धरने पर बैठ गये तथा थानेदार के निलम्बन तथा मुख्य मुल्जिम की गिरफ्तारी के बाद ही धरना समाप्त किया।

3

11.10.19

राज्य के बेरोजगारों युवाओं के लिए आन्दोलनः- बेरोजगार युवा आये दिन नियुक्ति दिलाने एवं कई वर्षो से रूके हुए परिणामों को जारी कराये जाने के लिए डा. किरोडीलाल ने लम्बे समय तक कई आन्दोलन किये जैसेः- कनिष्ठ लिपिक भर्ती परीक्षा 2018 के 12050 अभ्यर्थियों का परीक्षा परिणाम जारी कराने, पंचायतीराज विभाग के कनिष्ठ लिपिक 2013 के 10029 पदो पर नियुक्ति दिलाने, 2018 के अध्यापकों की काउन्सलिंग कर 9000 हजार अभ्यर्थियों की कटआॅफ जारी, सूचना सहायक 6300 को नियुक्ति दिलाने, विद्युत विभाग के सहायक द्वितीय के 2506 पदो पर नियुक्ति, 950 पशु चिकित्सा अधिकारियों को नियुक्ति, स्कूल व्याख्याता 8.50 अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा तिथि आगे बढाने जाने हेतु आन्दोलन कर 5 हजार से 8 हजार पद करवाये, 31 हजार तृतीय श्रेणी अध्यापको की रीट की परीक्षा कराने, विद्युत विभाग के सहायक अभियंताओं को नियुक्ति दिलाने, सांख्यिकी सहायक अधिकारी भर्ती का परिणाम जारी कराने, प्रयोग शाला सहायक 2018 का परिणाम जारी कराने, 1751 कनिष्ठ लेखाकारों की प्रतीक्षा सूची जारी कराने, पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2018 के चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति दिलाने, पैरा मेडीकल छात्रों को नियुक्ति दिलाये जाने, एवं दिव्यांग बधिर छात्रों को संभाग स्तर पर आईटीआई काॅलेज खुलवाने के लिए आन्दोलन किए। दिनांक 16.12.20219 से 23.12.2019 तक प्रथम श्रेणी व्याख्याताओं की परीक्षा तिथि को आगे बढाने हेतु शहीद स्मारक पर धरनाः- राजस्थान में व्याख्याता भर्ती परीक्षा को लेकर न्दपअमतेपजल ब्ंउचने से करीबन 10 हजार बेरोजगार जवानों को लेकर धरना दिया फिर न्दपअमतेपजल ब्ंउचने से सिविल लाइन फाटक की तरफ कूच कर डा. किरोडीलाल मुख्यमंत्री आवास के सामने धरने पर बैठ गये। धरने के समय जयपुर में ठण्ड ने 100 साल का रिकाॅर्ड तोडा था। ज्मउचमतंजनतम 5.6व् के आस पास था। उस कड़ाके की ठण्ड में 5-6 दिन तक जब सरकार ने सुनवाई नही की तो बेरोजगार छात्र/छात्राएं जगतपुरा स्थित टंकी पर चढ गई जो करीबन 48 घण्टे तक कडाके की ठण्ड में टंकी पर बैठी रही। सरकार के आश्वासन के बाद उनको उतार लिया, वार्तालाप में सरकार ने निराश किया तो दर्जनों छात्राएं पुनः न्दपअमतेपजल स्थित एक टंकी पर 72 घण्टे तक कड़ाके की ठण्ड में बैठी रही तथा डा. किरोडीलाल भी कडाके की ठण्ड में नीचे बैठे रहे। एक प्रतिनिधिमण्डल के साथ स्वयं मुख्यमंत्री ने बात कर मांगों को माना। यह आन्दोलन भी अपने आप में एक अनोखा आन्दोलन था जो महीने भर तक चला। च्ण्ज्ण्प् का आन्दोलनः-राज्य में हजारों पीटीआई लम्बे समय से आन्दोलनरत थे जब उनकी मांगे नहीं मानी तो डा. किरोडीलाल ने जयपुर में जबरदस्त आन्दोलन किया उसके बाद सरकार झुकी और करीबन 4600 पीटीआई गणों को नियुक्ति दी।

4

2019

जयपुर में कावडियों पर हमलाः- जयपुर के सुभाष चैक स्थित चार दरवाजा क्षेत्र तथा दिल्ली रोड पर मुसलमान समाज के उपद्रवियों का कावडियों पर जानलेवा हमला किया, राहगीरों को मारा-पीटा , बसों एवं अन्य साधनों में तोड-फोड की तथा मौहल्लों में घुसकर उपद्रव फैलाया। पुलिस ने उपद्रवियों के बजाय सैकडों हिन्दू युवाओं को नामजद कर तंग करना चालू कर दिया। उन्हें घरों से पकड कर पुलिस थाने ले जाने लगी। दोषियों को गिरफ्तार करने तथा निर्दोष लोगों को परेशान नहीं करने को लेकर पुलिस कमिश्नरेट जयपुर के मुख्यालय पर डा. किरोडीलाल की अगुवाई में धरना दिया गया तथा सभी निर्दोष हिन्दू युवाआंे को छुडवाया गया।

5

2.10.2019

गांधी सर्किल जयपुर में भिखारियों को न्याय दिलाने के लिए आन्दोलनः- राज्य में करीबन 22 हजार भिखारी हैं जिन्हें च्तवजमबज करने की दृष्टि से राज्य सरकार ने एक एक्ट पारित कर रखा है किन्तु 2012 मे जो एक्ट पारित किया था उसके अभी तक नियम ही नही बनाये जिससे भिखारियों को राहत नहीं मिल पा रही थी। भिखारियों के लिए राज्य सरकार द्वारा 2012 में बनाये एक्ट के नियम बनाकर उसे लागू करने की मांग को लेकर डा. किरोड़ीलाल की अगुवाई में गांधी सर्किल पर एक सांकेतिक धरना दिया गया।

6

2020

ट्री हाउस रिसोर्ट का घेरावः- रामगढ बांध के भराव क्षेत्र में एक उद्योगपति का अवैध विशाल ज्तमम भ्वनेम रिसोर्ट बना हुआ है। इस सहित रामगढ बांध के भराव क्षेत्र में ऐसे दर्जनों अवैध निर्माणों को हटाने का राजस्थान हाईकोर्ट ने भी आदेश भी रखा है तथा डा. किरोडीलाल इन अवैध निर्माणों को हटाने के लिए लम्बे समय से आन्दोलनरत हैं। इस अवैध ज्तमम भ्वनेम रिसोर्ट में मध्यप्रदेश सरकार के विरूद्ध रखे गये अविश्वास प्रस्ताव वाले 38 कांग्रेस के विधायक रोके गये थे। विधायको के इस कैम्प को राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को लेकर अन्य मंत्री उन्हें संभालने आते जाते रहे। अतिक्रमित रिसोर्ट को खाली कराने की मांग को लेकर दिनांक 16.3.2020 की अर्द्धरात्रि को रिसोर्ट के समक्ष दर्जनों कार्यकर्ताओं के साथ प्रदर्शन कर धरना दिया गया जहां डा. किरोड़ीलाल सहित 17 समर्थकों को गिरफ्तार कर सामोद थाने में डाल दिया तथा एक मुकदमा चन्दवाजी थाने में भी दर्ज करवा दिया गया।

7

23.1.2020

किसानों को उचित मुआवजा दिलाये जाने के लिए भूमि समाधि सत्याग्रहः-भारत माला परियोजना के तहत दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस हाईवे का निर्माण प्रारम्भ किया गया है किन्तु राज्य सरकार द्वारा किसानों को उनकी भूमि का उचित मुआवजा नही दिया गया। इस मांग को लेकर डा. किरोड़ीलाल 101 किसानों को लेकर (जिसमें 31 महिला कृषक भी थी) दौसा के लाडलीबास गांव में कडाके की ठण्ड (6 डिग्री तापमान में) भूमि समाधि सत्याग्रह पर बैठ गये। 6 दिन बाद सरकार ने किसानों के प्रतिनिधि मण्डल से जयपुर में वार्तालाप कर 13 बिन्दुओं पर अपनी सहमति दे दी जिससे किसानों को बहुत राहत मिली।

8

27.3.2021

विजय सिंह गुर्जर, ग्राम श्यामपुरा तहसील सपोटरा जिला करौली टैªक्टर चालक (हत्या प्रकरण) दिनांक 23.3.2021 को मंडरायल पुलिस की मारपीट से मौके पर ही मौत हो गई उसे लेकर डा. किरोडीलाल ने सैकडों ग्रामीणों के साथ पांच दिन तक कलेक्ट्रेट करौली पर धरना दिया तब जाकर सरकार ने मृतक की विधवा पत्नी विजय देवी गुर्जर को होमगार्ड की नौकरी दी, 12वीं कक्षा तक बच्चों को मुफ्त शिक्षा, प्रधानमंत्री आवास योजना में 1.50 लाख रूपये का मकान, पालनहार योजना का लाभ तथा 5 लाख रू0 की आर्थिक सहायता भी सरकार से दिलवाई इसमें आरोपी थानेदार जाति से मीणा था।

9

1.8.21

आमागढ फोर्ट आन्दोलनः- जयपुर शहर स्थित 16वीं सदी के आमागढ फोर्ट पर फहराये गये केशरिया ध्वज को समाज कंटकों ने सत्ताधारी दल के विधायक श्री रामकेश मीणा द्वारा किले से हटाकर फाड कर पैरो तले रौंद दिया तथा किले में स्थित शिवालय के भी सरकार ने ताला लगा दिया। पूजा अर्चना चालू करवाने तथा चुनौतीपूर्ण स्थिति में आमागढ किले पर झण्डा फहराया, जहां सैकडों हथियार बन्द पुलिसकर्मियों (800-1000 पुलिस बल) की व्यवस्था थी फिर भी सरकार के इरादे को विफल करते हुए फोर्ट पर झण्डा फहरा दिया, इसमें 7 किलोमीटर पहाड की चढाई, जिसमें हिंसक जंगली जानवर (एक दर्जन से ज्यादा पैंथर) तथा जहरीले सांप-घौरे भी थे किन्तु रात्रि के 3.00 बजे चलती बरसात में सब विपदाओं को पार करते हुए प्रातः 6.00 बजे आमागढ किले पर झण्डा फहराने में सफल हो गये। सत्ताधारी दल के कई आदिवासी विधायकों ने यह भी बयान दिए कि आदिवासी हिन्तु नहीं है जिसको लेकर राजस्थान के मुख्यमंत्री ने उन्हें शाबाशी भी दी। राज्य सरकार के हिन्दू से हिन्दू लडाने के प्रयास को विफल कर दिया। सरकार ने डा. किरोडीलाल सहित 9 लोगों को इस प्रकरण में गिरफ्तार भी कर लिया, किन्तु राज्यभर में जनता सडक पर उतर आई जिस कारण 9 कार्यकर्ताओं सहित डा. किरोडीलाल को छोडना पडा। यह अपने आप में राज्य का बहुत बडा आन्दोलन था, बहुसंख्यक समाज में इस कारण पार्टी के प्रति बहुत अनुकूलता बढी।

10

19.1.2022

पेपर लीक को लेकर आन्दोलनः- दिनांक 30.9.2021 को रीट (शिक्षक भर्ती) एवं एस.आई. का पेपर लीक को लेकर शहीद स्मारक पर धरना दिया जहां बरसात में भी डा. किरोडीलाल सहित सैकडों बेरोजगारों ने लम्बा आन्दोलन किया जिससे माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष को सरकार को बर्खास्त करना पडा तथा राजीव गांधी स्ट्डी सर्किल के पदाधिकारियों सहित करीबन 67 लोगों को गिरफ्तार करना पडा तथा रीट का पेपर भी रद्द करना पडा। इस परीक्षा में करीबन 28 लाख अभ्यार्थी थे। 2019 से 2023 के मध्य में गहलोत राज में करीबन 16 परीक्षाएं आयोजित कराई जिनमें एक करोड 12 लाख अभ्यार्थी थे। आन्दोलन कर 10 परीक्षा पेपर रद्द करवाकर सभी भर्ती परीक्षाओं के पेपर की जांच ब्ठप् से कराये जाने के लिए राज्य के 70-80 हजार अभ्यार्थी डा. किरोडीलाल की अगुवाई में जयपुर के लिए कूच कर विधानसभा को घेराव करने पहुंचे तो पुलिस ने पूरी भीड को बलपूर्वक जयपुर के प्रवेश द्वार घाट की गूणी पर ही रोक दिया डा. किरोडीलाल ने तो उसी स्थान पर धरना दे दिया जो कडाके की ठण्ड एवं बरसात में 12 दिन तक चला इससे राजस्थान के लाखों बेरोजगारों का जुडाव पार्टी से हुआ। दिनांक 19.1.2022 को रीट पेपर लीक को लेकर पुनः ैव्ळ के कार्यालय पर सांकेतिक धरना एवं ।क्ळ को ज्ञापन देकर आरोपियों को गिरफ्तार किये जाने की मांग की।

11

20.1.2022

किसानों का कर्जा माफी के लिए आन्दोलनः-, 2018 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में राज्य के किसानों के सम्पूर्ण कर्जा माफ करने की घोषणा की जिस कारण कांग्रेस को सत्ता मिली किन्तु थोडा बहुत कर्जा माफ कर सरकार ने किसानों से ऋण वसूली अभियान चालू कर दिया जो किसान सरकारी ऋण नही चुका सके तो उनकी चल-अचल सम्पत्ति को सरकार ने कुर्क करना चालू कर दिया जिसके दबाव में किसान आत्म हत्या करने को मजबूर हो गये। इस मामले को लेकर डा. किरोडीलाल ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जिसके फलस्वरूप राज्य के लाखों किसानों की कुर्की सरकार को रोकनी पडी। इससे राज्यभर के किसानों का जुडाव पार्टी के साथ बढा।

12

24.1.2022

आदिवासियों की समस्याओं को लेकर आन्दोलनः- राजस्थान-गुजरात सीमावर्ती क्षेत्र की आदिवासी बालाओं को बहला फुसलाकर मजदूरी के नाम गुजरात ले जाने, उनकी खरीद-फरोख्त करने, उनके साथ दरिंदगी कर देहशोषण किये जाने, आदिवासी क्षेत्र में धर्मान्तरण, भुखमरी, कुपोषण एवं विस्थापन की समस्याओं को लेकर लम्बा आन्दोलन कर गरीब आदिवासियों को राहत प्रदान कराई।

13

10.2.22

श्री रामनिवास जाट हत्या प्रकरणः- जो रीट पेपर काॅलकता से राजस्थान आ रहा था तो जमवारामगढ (जयपुर) के पास पेपर से भरा ट्रक पलट गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई, थ्प्त् भी दर्ज हुई जिसमें पुलिस ने थ्ण्त् लगा दी। पुलिस थ्ण्त् खोले, मुल्जिम को गिरफ्तार कर विधवा को जीवन यापन करने के लिए 10 लाख रू0 दे इन मांगों को लेकर डा. किरोडीलाल दिनांक 11.2.22 को मंत्री श्री राजेन्द्र गुढा के बंगले पर विधवा के साथ धरने पर बैठ गये। तीन दिन तक मंत्री के सरकारी आवास पर धरने के बाद सरकार झुकी और सरकार ने विधवा मनीष जाट को 10 लाख रू0 की आर्थिक सहायता तथा होमगार्ड की नौकरी देनी पडी एवं मुकदमें की जांच हेतु थ्पसम पुनः खोलनी पडी।

14

12.5.22

से 14.5.22 तक कांग्रेस का अवैध होटल में अधिवेशनः- उदयपुर की एक आलीशान होटल में राष्ट्रीय कार्यसमिति का आयोजन किया था। यह होटल अवैध रूप से कांग्रेसियों ने आदिवासियों की भूमि तथा सरकारी भूमि को हडपकर बनाई थी। उच्च न्यायालय के आदेश के विपरीत नदी के बहाव को रोक दिया। खून पसीने की कमाई से अदिवासियों ने यह जमीन अपने भरण पोषण के लिए खरीदी थी जिन्हें वहां से बेदखल कर दिया। डा. किरोडीलाल जब कुछ आदिवासियों को लेकर दिनांक 12.5.2022 को इसका विरोध करने तथा प्रकरण की जानकारी गांधी परिवार को देने उदयपुर पहुंचे तो पुलिस ने डा. किरोडीलाल को जबरन गिरफ्तार कर जिला बदर के आदेश दे दिया, एक सांसद को जिला बदर करने की यह दूसरी घटना थी, सरकार ने गुंडो को तो कभी जिला बदर नही किया, किन्तु सरकार ने सांसद को जिला बदर कर घोर गैर कानूनी कार्य किया।

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9.8.22

पूर्वी राजस्थान नहर (म्त्ब्च्) के लिए आन्दोलनः- म्त्ब्च् को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने हेतु राज्य सरकार मध्यप्रदेश सरकार से 75 प्रतिशत जल निर्भरता (ॅंजमत कमचमदकंइपसपजल) की स्वीकृति एवं 13 जिले के योजना से वंचित सभी बांधों को जोडने हेतु मीणा हाईकोर्ट (जिला दौसा) में एक बडी जनसभा की जिसमें 13 जिलों के 80-90 हजार किसान मौजूद थे किसानों ने डा. किरोडीलाल की अगुवाई में दौसा से जयपुर कूच किया जिस पर राज्य सरकार के एक केबिनेट मंत्री श्री विश्वेन्द्रसिंह एवं आला अफसरों ने जटवाडा गांव नेशनल हाईवे पर रोक कर सभी खामियों को दूर कर केन्द्र को पत्र भेजने का आश्वासन दिया तब जाकर आन्दोलन खत्म किया।

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17.12.2022

भारत जोडो यात्रा के खिलाफ न्याय यात्राः- दिनांक 17 दिसम्बर 2022 को भारत जोडो यात्रा के खिलाफ न्याय यात्रा राजगढ जिला अलवर में किसानों का कर्जा माफ करने, बेरोजगारों को रोजगार देने, सीएचए को नौकरी देने एवं सम्पूर्ण शराबबन्दी के खिलाफ दो दिवसीय धरना दिया आश्वासन के बाद दिनांक 18.12.2022 को धरना समाप्त।

17

28.2.23

पुलवामा आतंकी हमले में शहीदों की वीरांगनाओं को न्याय दिलाने हेतु आन्दोलनः- पुलवामा आतंकी हमले की तीन वीरांगनाएं श्रीमती मंजू जाट, श्रीमती मधुबाला मीना एवं श्रीमती सुन्दरी गुर्जर दिनांक 28.2.2023 को डा. किरोडीलाल से जयपुर आकर मिली इस विश्वास के साथ कि डा. किरोडीलाल उन्हें राज्य के मा0 मुख्यमंत्री जी से मिलवा देंगे, जिनसे वो मिलने के लिए आतुर थी। दरअसल मे इन तीनों के शहीद पतियों के अंत्येष्टि के समय राजस्थान सरकार के तीन-तीन मंत्रियों ने जाकर हजारों की भीड़ में कुछ आश्वासन दिये थे, वीरांगनाएं उस समय पति शहीद हो जाने के कारण रो-रोकर बेहाल थी, इन्होने अपनी तरफ से कोई मांग सरकार से नही की थी, इनका तो सब कुछ उजड गया था उस सदमे में सब कुछ भूल गई थी किन्तु मंत्रीगणों ने तत्समय बढ चढकर घोषणाएं की थी। आश्वासनों पर जब कोई कार्यवाही नही हुई तो ये तीनों वीरांगनाएं डा. किरोडीलाल के पास 28 फरवरी 2023 को आई और डा. किरोडीलाल इन्हें मा. मुख्यमंत्री जी से मिलाने के लिए विधानसभा ले गये जहां के पश्चिम द्वार पर वीरांगनाओं सहित डा. मीणा को रोक दिया गया तो तीनों वीरांगनाएं मुख्यमंत्री जी से मिलने की जिद कर वहीं धरने पर बैठ गई, इससे चिढकर पुलिस के एक अधिकारी ने मातहतों को कहा उठालो इन महिलाओं को और उन्हें बेरहमी से धक्का-मुक्की कर उठा लिया तथा डा. मीणा सहित दर्जन भर साथियों को भी धक्का-मुक्की देकर एक वाहन में ठूंसकर जयपुर के शहीद स्मारक छोड दिया जहां एक वीरांगना मंजू जाट के साथ धक्का-मुक्की की जिससे वह विलाप करने लगी किन्तु पुलिस ने दया नहीं की। डा. किरोडीलाल उन्हे साथ लेकर शहीद स्मारक धरने पर बैठ गये और एक ही गुहार की कि मुख्यमंत्री जी हमसे मिल तो ले लेकिन जब मुख्यमंत्री जी पिघले नही ंतो डा. किरोडीलाल उनको दिनांक 04 मार्च 2023 को माननीय राज्यपाल महोदय, राजस्थान से मिलाने के लिए ले गये उन्होने आश्वस्त किया कि मैं मुख्यमंत्री जी को पत्र लिखूंगा, उन्होने यह भी कहा कि आप मुख्यमंत्री जी से जरूर मिल लो, मैं उनको लेकर मुख्यमंत्री जी के सरकारी बंगले की तरफ जाने लगा तो डा0 किरोडीलाल को पुलिस ने पकड़ कर वहीं बैठा दिया किन्तु वीरांगनाएं मुख्यमंत्री के निवास के पास पहुंचने में सफल हो गई इस पर वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने वीरांगनाओं को सडक पर चोटी पकडकर घसीटा, कपडे भी खींचे, लात-घूसे मारे तथा जबरन पुलिस वाहन में डाल दिया जहां उनके बाल नौचे गये, दो वीरांगनाओं के शरीर पर पिन चुभाई गई एवं अनेक प्रकार की यातनाएं देने के बाद पुलिस उन्हें शहीद स्मारक छोडकर आ गई, जहां डा0 मीणा भी पहुंच गये, वो बार-बार के अपमान से इतनी आह्त थी कि इच्छा मृत्यु का पत्र मा0 राज्यपाल महोदय को लिख दिया। डा0 किरोडीलाल उन तीनों वीरांगनाओं तथा उनके छोटे-छोटे बच्चों के साथ शहीद स्मारक पर खुले आसमान के नीचे बैठा रहा बरसात में भीग गये, जहां पर पुलिस का जबरदस्त पहरा था। अन्त में दिनांक 06.02.2023 को डा0 मीणा उन्हे पूर्व च्ब्ब् ब्ीपम िएवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बंगले पर ले गये जहां उन्होने उनसे प्रार्थना की कि राजस्थान के मुख्यमंत्री तो हमसे मिलना नहीं चाहते ना ही कोई बात सुनना चाहते, आप गांधी परिवार के बहुत नजदीक है हमें पि्रयंका गांधी जी से मिलवा दो ‘‘उन्होने वीरांगनाओं के साथ की गई मारपीट को अनुचित बताया’’ किन्तु आश्वासन के बाद भी वो उन्हें पि्रयंका गांधी से नही मिला सके। अंत में डा. किरोडीलाल उन तीनों वीरांगनाओं को लेकर सिविल लाइन में ही धरना देकर बैठे रहे, एक दिन तो वीरांगनाओं ने मुहॅं में दूब के तांतू दबाकर मुख्यमंत्री जी से मिलने की गुहार की जो किन्तु मा0 मुख्यमंत्री जी नहीं पिघले, उस समय वीरांगनाएं इतने अवसाद में आ गई थी कि उन्होने कहा कि क्या एक मुख्यमंत्री इतना निष्ठुर भी हो सकता है किन्तु मा0 मुख्यमंत्री जी उनसे मिले तक नहीं मांग मानना तो दूर की बात। अंत में दिनांक 10.3.2023 को रात्रि को 3.00 बजे भारी पुलिस बल धरना स्थल पर आ धमके और वीरांगनाओं के मुहॅं में कपडे़ ठूंस दिए, बाल एवं कपडे खींचे, शरीर को नौंचा गया और उन्हें मारते पीटते वहां से उठाकर ले गये। उनके साथ 10-12 कार्यकर्ताओं को भी पुलिस मारते पीटते उठा ले गई। मारपीट के कारण कई के चोटें भी आई। डा. किरोडीलाल उन्हें ढूढने निकले तो जब डा. मीणा जयपुर से मंजू जाट से मिलने उसके घर जा रहे थे तो सामोद थाने के सामने सडक पर भारी पुलिस बल ने डा. मीणा को जाने से रोका, जाने के लिए डा. मीणा ने कई बार आग्रह किया लेकिन पुलिस नहीं मानी तो जाने की जिद लेकर डा. किरोडीलाल वही धरने पर बैठ गये और पुलिस ने डा0 मीणा के साथ धक्का-मुक्की की, बाल खींचे तथा डा0 मीणा के पजामें एवं कुर्ते को भी फाड दिया जिससे डा. किरोडीलाल निर्वस्त्र प्रायः हो गये, और उनके खिलाफ पुलिस ने उल्टा सामोद थाने में राजकार्य में बाधा तथा सरकारी सम्पत्ति को नष्ट करने का मुकदमा दर्ज कर डाला। उसी स्थिति में डा. मीणा को पुलिस के दरिंदों ने पुलिस वाहन में जोर से फैंका तो डा. मीणा की गर्दन दो सीटों के बीच में फंस गई, जिससे ब्मतअपबंस त्महपवद में गंभीर चोट आ गई, बडी मुश्किल से डा. किरोडीलाल ने गर्दन निकाली उसके बाद उन्हें भंयकर चक्कर आने लगे पुलिस उसी हालत में उन्हें सामोद से सीकर की ओर ले गई जिसमें उनके साथ उनका च्ैव् मौजूद था उसने भी उस समय पुलिस वालों को कहा कि ऐसी बर्बरता मत करो साहब पहले से बीमार है इन्हें कुछ हो जायेगा, लेकिन उनकी क्रूरता नही रूकी और उन्हें सीकर के पलसाना के पास से वापिस ले आये तथा वापिस आते समय डा0 मीणा की तबीयत और बिगड गई और उन्हें पुलिस गोविन्दगढ अस्पताल ले गई जहां उनके ।जजमदकंदज जितेन्द्र एवं महेन्द्र को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, डा. मीणा की तबीयत ज्यादा बिगडी तो पुलिस उन्हें ैडै अस्पताल में ले गये जहां बीमारी की गंभीरता को देखते हुए डाक्टरों ने उन्हें डमकपबंस प्ब्न् में भर्ती कर लिया। ैडै अस्पताल में भी डा0 मीणा के साथ गये कार्यकर्ताओं के साथ राजस्थान की पुलिस ने दुव्र्यवहार किया। नोटः- कौन-कौन सा मुकदमा किस-किस आन्दोलन को लेकर लगा उसका विस्तृत विवरण मय पुख्ता प्रमाणों के डा. किरोड़ीलाल की संघर्ष की गाथा नाम के क्वबनउमदजे में उपलब्ध है। 2019 से मार्च 2023 तक किये गये (113) आन्दोलनों की सूची निम्नानुसार हैः- क्र.स. वर्ष आन्दोलन का विवरण

1

17.2.2018

ईस्टन राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट को लेकर दौसा में आन्दोलन।

2

19.2.2018

ईस्टन राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट के सम्बन्ध में महावीरजी से करौली रैली एवं धरना।

3

22.4.2018

बांसवाडा जिले की जन समस्याओं को लेकर धरना।

4

25.5.2018

करौली शहर में पंतजलि योगपीठ द्वारा अवैध रूप से आवंटित की गई भूमि के लिए आन्दोलन।

5

17.6.2018

उपखण्ड अधिकारी टोडाभीम द्वारा युवक की मारपीटः- ग्राम कमालपुरा के एक युवक की न्याय आपके द्वार कार्यक्रम के दौरान मारपीट कर दी इसे लेकर जनता में भारी आक्रोश फैल गया। उपखण्ड अधिकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो तथा उसे गिरफ्तार किया जाये इसको लेकर धरना दिया गया तब जाकर उपखण्ड अधिकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ।

6

10.7.2018

सरमथुरा में डकैत वन विभाग, खनन विभाग, पुलिस विभाग लोगों को परेशान किया जा रहा था जिसके लिए थाना का घेराव किया गया।

7

13.10.2018

महन्त किषोरपुरी निजी ट्स्ट द्वारा लोगों को प्रताडि़त करने पर दौसा कलेक्टेªट पर धरना।

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31.10.2018

तूंगा थानाधिकारी प्रकरणः- तूंगा थानेदार ने गांवों में अवैध रूप से चल रही शराब के दुकानदारों से सांठ-गांठ करली जिस कारण क्षेत्र में माफियाओं का आतंक बढ गया इससे निजात दिलाने के लिए महिलाओं के साथ जयपुर कमिश्नरेट पर धरना दिया।

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2018

धौलपुर जिले के बसेडी क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर आन्दोलन।