Major Movements

The historical journey of struggles and public movements led by Dr. Kirodi Lal Meena

2009 - 9.7.201037% Complete
2009 - 9.7.2010

2009 - 9.7.2010

Timeline

Total Movements

116+

Batch

10

Movements: 226-250
226

2009

वन विभाग ने नेशनल पार्क के अन्दर स्थित गणेश मार्ग की परिक्रमा को बन्द कर दिया उसे चालू कराने हेतु आन्दोलन।

227

2009

टोल प्लाजा राजाधोक की अवैध वसूली को लेकर धरना।

228

2009

रामगढ (अलवर) थाने में पुलिस की अभिरक्षा में हुई मौत के विरोध में धरना।

229

2009

सरिस्का बचाओं आन्दोलनः-अलवर के सरिस्का अभ्यारण में असरदार लोगों ने अवैध रूप से बडी होटल एवं रिसोर्ट का वन क्षेत्र में बडे पैमाने पर निर्माण कर लिया। कई लोगो ने अभ्यारण क्षेत्र या उससे सटी हुई सीमा पर फार्म हाउस बना लिए तो दूसरी तरफ वन विभाग के अधिकारी गांव वालों को जंगलात में पशु नहीं चराने देते। वन विभाग द्वारा गांवों को बलपूर्वक खाली कराया जा रहा है किन्तु आस्था के प्रसिद्ध स्थल पाण्डुपोल धाम पर भी दर्शन पर पाबन्दी लगा दी। सरिस्का क्षेत्र का सीमा ज्ञान नहीं कराये जाने के कारण गांव वाले परेशानी में थे। इन सभी धरातल की समस्याओं के समाधान के लिए सरिस्का बचाओ आन्दोलन लम्बे समय तक बडे पैमाने पर किया गया जिसका नेतृत्व डा. किरोडीलाल ने किया। आन्दोलन को लेकर पुलिस प्रशासन के द्वारा डा. किरोड़ीलाल एवं उनके साथियों के विरूद्ध प्रशासन ने करीबन तीन मुकदमें विभिन्न थानों में दर्ज करवा दिये। दो बार

230

2009

लालसोट तहसील के जयसिंहपुरा गांव के सांवलराम एवं शिवप्रसाद की कुए में कार्य करते समय दब जाने के कारण मौत हो गई। आन्दोलन कर सरकार से उन्हें आर्थिक सहायता दिलाई।

231

2009

लोकसभा चुनाव में धांधली को रोकने तथा भाण्डारेज ग्राम में हुए हमले को लेकर दौसा कोतवाली पर विशाल धरना।

232

2009

नेशनल पार्क को लेकर आन्दोलनः- नेशनल पार्क रणथम्भौर में भैंस चराओ आन्दोलन सवाईमाधोुपर में नेशनल पार्क से सटे गांवों में वन विभाग द्वारा चरागाह विकसित नही करने के कारण पशुओं को चरने की जगह नही मिली तो नेशनल पार्क में भैंस चराओं आन्दोलन किया गया जब जाकर वन विभाग ने घास बैंक बनाया। - दो बार

233

नेशनल पार्क रणथम्भौर एवं सरिस्का के वन क्षेत्र में बनी अवैध होटलों को हटाये जाने हेतु धरना।

234

2009

जयपुर में राजाधोक पर स्थित टोल प्लाजा पर स्थानीय लोगों के साथ मारपीट एवं अवैध वसूली को लेकर पुनः 10.9.2009 को धरना दिया।

235

2009

सिविल लाइन्स फाटक जयपुर में विभिन्न समस्याओ को लेकर धरना। 29.12.2009 की रात्रि को गिरफ्तार कर अजमेर जेल में डाल दियाः-राज्य के केबीनेट मंत्री श्री परसादी लाल के खिलाफ दर्ज हत्या का मुकदमा नं. 295/2006 थाना गांधीनगर, राजस्थान विधानसभा के स्पीकर श्री दीपेन्द्रसिंह शेखावत द्वारा अपने खुद के विधानसभा स्थित चैम्बर में सीकर के एक दलित को इतना पीटा कि उसने चैम्बर में ही दम तोड़ दिया। तथा इनके साथ-साथ गोपालगढ काण्ड एवं एक क्प्ळ टण्डन द्वारा एक आदिवासी महिला के अपहरण में कार्यवाही की मांग को लेकर 15.9.2011 एवं 16.9.2011 को राज्य के गृृहमंत्री के आवास पर धरना दिया। सिविल लाइन फाटक पर दो दिन धरना देने के बाद गिरफ्तार कर अजमेर जेल में डाल दिया।

236

2009

पैदल कूच एवं धरनाः- क्षेत्र के लोगों को प्ळछच् का पानी नहीं मिल रहा था इसलिए 20 अक्टूबर 2009 को महती पानी की मांग को लेकर खाजूवाला से पैदल कूच एवं बीकानेर कलेक्ट्रेट का घेराव किया गया।

237

2009

जयपुर-आगरा रोड स्थित बाल्टी फैक्ट्री पर राज्य के सरपंचों की समस्याओं के समाधान के लिए धरना दिया गया।

238

2009

राज्य में धानका जाति को ैज् से बाहर किए जाने हेतु 23 फरवरी 2009 को पैदल मार्च कर शासन सचिवालय का घेराव किया।

239

2009

किसानों की समस्याओं को लेकर एक किसान आन्दोलन किया गया।

240

2009

गोठडा गोली काण्डः- चुनाव पर्यवेक्षक ने ग्राम गोठडा (दौसा) में मतदान के दौरान तुगलकी फरमान जारी करते हुए फायर्रिंग के आदेश दे दिए जिस कारण एक जवान मौके पर ही मर गया एवं अनेको गम्भीर रूप से घायल हो गये। इस अन्याय के खिलाफ मृतक की क्मंक ठवकल को लेकर हजारों लोगो की तादात में मैने कलेक्ट्रेट पर धरना दिया था। धरने के बाद पर्यवेक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया तथा मृतक के परिजनो को आर्थिक सहायता दी किन्तु धरने से चिढकर पुलिस ने हमारे खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।

241

2009

सरिस्का बचाओं आन्दोलनः- मालाखेडा जिला अलवर सरिस्का वन क्षेत्र में होटलों के अवैध निर्माण एवं वन क्षेत्र में भूमि के कब्जे को लेकर हजारों लोगों के साथ मैने सरिस्का बचाओ आन्दोलन किया था करीबन 16 हजार महिलाओं ने थानागाजी से भर्तहरिधाम तक पैदल मार्च कर सरकार का ध्यान आकर्षित किया था, जिसको लेकर हमारे खिलाफ मुकदमे लगाये गये। दो बार

242

2009

जन समस्याओं को लेकर रास्ता रोको आन्दोलन दौसा।

243

10.6.2009

दलित युवक की नांक में नकेल डालने को लेकर आन्दोलन के बाद अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।

244

17.6.2009

दौसा में बिगडती कानून व्यवस्था को लेकर कलेक्टे्ट पर धरना।

245

2009

बंजारा बस्ती तालसोट को लेकर आन्दोलनः- काफी तादात में डीडवाना में बंजारा जाति के लोग काफी लम्बे समय से निवास करते थे किन्तु प्रशासन ने उन्हें अतिक्रमणी मानकर डीडवाना से खदेड़ दिया। आन्दोलन कर उन्हें डीडवाना औद्योगिक क्षेत्र में उचित स्थान पर भूमि उपलबध करवाकर बसवाया।

246

23.3.2010

लालसोट कस्बे में सडक हादसे में हुई दो युवकों की मृत्यु के लिए आर्थिक पैकेज हेतु लालसोट में धरना दिया गया।

247

अप्रेल 2010

अफीम की खेती में किसानों को आ रही समस्याओं को लेकर प्रतापगढ कलेक्टेªट पर दो बार धरना दिया गया।

248

अप्रेल 2010

दौसा तहसील के सूरजपुरा गांव के सीताराम की हत्या के दोषियों की गिरफ्तारी को लेकर सैकड़ों कार्यकर्ताओं को लेकर कलेक्टेªट पर धरना दिया।

249

मई 2010

तालचिडी के पहाड़ में अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण लगाने के लिए मुख्यालय महवा पर धरना दिया गया।

250

9.7.2010

गब्बू जोशी कांडः- सिकराय के गब्बू जोशी पर समाज कंटकों द्वारा प्राणघात तक हमला किया गया। समाज कंटकों के खिलाफ जब किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं की तो सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ घटना दिया गया तब जाकर पुलिस सक्रिय हुई और हमलावरों को गिरफ्तार किया।