1998
पालून्दा प्रकरण पर आन्दोलन।
The historical journey of struggles and public movements led by Dr. Kirodi Lal Meena
Timeline
Year Range
Total Movements
116+
Batches
27
Timeline
Total Movements
116+
Batch
6
पालून्दा प्रकरण पर आन्दोलन।
माली जाति/ गंगापुरसिटी महिला बलात्कार काण्ड पर आन्दोलन।
विधायक द्वारा जनता का दमनः-महवा विधायक एवं उसके बेटे द्वारा लोगों को नाजायज परेशान करना आम बात थी। बडे पैमाने पर लोगों का दमन शुरू हो गये। इनके अत्याचार के कारण लोग एवं कार्यकर्ता भय ग्रस्त हो गये इसे दूर करने के लिए तीन दिन तक सैकड़ों लोगों के साथ धरना दिया तब जाकर मुक्ति मिली।
सुमित्रा दहेज हत्याकांड पर आन्दोलन।
सरकार की आरक्षण नीति के कि्रयान्वयन को लेकर बरती जा रही ढिलाई पर सड़कों पर प्रदर्शन किए तथा विधानसभा में भी उग्र विरोध किया।
महवा थानाधिकारी अजय यादव द्वारा कार्यकर्ताओ के दमन को लेकर थाने पर धरना।
कालीबाई अपहरण कांड:- ग्राम चैनपुरा थाना खेड़लीगंज की एक विधवा सरूपी की विवाहिता 17 वर्षीय पुत्री कालीबाई का दिनांक 21.1.1999 को दिन दहाडे़ बदमाशान गांव के खेत से माँ की उपस्थिति में बेटी का अपहरण कर ले गये जिसका मुकदमा नं. 15/1999, अन्तर्गत धारा 363, 366 आईपीसी के तहत थाना खेड़लीगंज (जिला अलवर) में दर्ज कराया गया। इस सनसनी खेज घटना को लेकर खेड़लीगंज के व्यापारियों, सर्वसमाज एवं सब दल के लोगों ने दिनांक 22.2.99 को बाजार बन्द किया तथा दिनांक 25.2.99 को 21 लोगो की एक संघर्ष समिति ने रेल रोके जाने की चेतावनी भी प्रशासन को दे दी। किन्तु पुलिस की समझाईश के बाद रेल रोको आन्दोलन वापिस ले लिया। जब कई दिनों तक कोई भी कार्यवाही नही हुई तो जनता की मांग दिनांक 6.3.99 को खेड़लीगंज में डा0 किरोड़ीलाल ने 10-12 हजार की बडी सभा सम्बोधित करते हुए पुलिस से लड़की बरामदगी की मांग करते हुए चेतावनी दे डाली कि अगर दिनांक 12.3.99 तक बच्ची को बरामद नही किया गया तो दिनांक 13.3.99 से थाना खेडलीगंज पर बडी तादात में भूख हडताल की जायेगी। दिनांक 12.3.99 तक कालीबाई बरामद नहीं हुई तो दिनांक 13.3.99 को जनता को साथ लेकर डा. किरोड़ीलाल थाने के सामने धरने पर बैठ गये। जब इस धरने में जनता की भारी भीड़ उमड़ने लगी तो भारी पुलिस बल ने खेड़ली के समौची रेल्वे फाटक पर आने वाली भीड़ को बलपूर्वक रोेक दिया तथा जहां डा. किरोड़ीलाल का धरना चल रहा था वहां पर लोगों नही आने दिया। समौची फाटक पर पुलिस बल द्वारा जनता को रोके जाने के बाद डा. किरोड़ीलाल वहां पहुंचे और उस आई भीड़ को धरना स्थल पर ले जाने लगे तो पुलिस ने शांतिपूर्वक आन्दोलन को कुचलने की दृष्टि से अन्धाधुन्ध गोलियां चलाना चालू कर दिया। जबरदस्त लाठीचार्ज किया जिसके कारण एक छात्र रमेश सैन घटना स्थल पर ढेर हो गया तथा एक छात्र मुरारीलाल बैरबा एवं एक अन्य व्यक्ति जिनके पेट, पीठ तथा आंतो में होकर गोली निकल गई उनको मौके से ही जयपुर रैफर कर दिया गया। पुलिस के बर्बर लाठीचार्ज के चलते करीबन 150 लोग घायल हो गये जिसमें दर्जनों लोगो को खेड़लीगंज के अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां से पुलिस ने रामप्रसाद, प्रधान सिकराय, बच्चू मीना निवासी भनोखर, धर्मेन्द्र, असलम एवं एक 13 वर्षीय छात्र मुकेश तथा कक्षा-10 में पढने वाले रामवतार मीना जिसकी परीक्षा 24 मार्च से होनी थी उन्हें उठाकर जेल की सीखंचों में डाल दिया। साथ में अपहृता लड़की के रिश्तेदार हबडू, सरदारसिंह, मूल्या, कंचन, सादूराम, रंगी, श्रवण एवं मनोहरी को भी जेल की सीखंचो में डाल दिया, गिरफ्तारी के बाद कस्बे में धारा 144 लगा दी, बावजूद इसके भी डा. किरोड़ीलाल ने अपना आन्दोलन जारी रखा और गांव-गांव जाकर लोगों को इकट्ठा कर 16 मार्च 1999 को एक बडी सभा आयोजित की जिसमें प्रतिपक्ष के नेता श्री भैरोसिंह शेखावत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री रघुवीरसिंह कौशल, उनके साथ आये करीबन एक दर्जन पूर्व मंत्री एवं विधायक जिनमें श्रीमान राजेन्द्र राठौड़, श्री सम्पतंिसंह, श्री रामकिशोर मीना, श्री रोहिताश शर्मा, पूर्व विधायक श्री रमाकान्त शर्मा, विधायक श्री मदन दिलावर, श्री कन्हैयालाल मीना, श्री ज्ञानदेव आहूजा, विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष श्री समरथ लाल मीना, भरतपुर के भाजपा जिलाध्यक्ष डा. दिगम्बरसिंह, अलवर के जिलाध्यक्ष आदि सभा में उपस्थित हुए और मांग की कि अपहृत युवती को बरामद किया जाये और शांतिपूर्ण आन्दोलन पर फायरिंग करने वाले पुलिस अधिकारियों के विरूद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया जाये तथा पूरे प्रकरण की सीबीआई से जांच कराई जाये। सभा के बाद डा. किरोड़ीलाल अनिश्चित कालीन धरने पर बैठ गये और उधर खेड़ली काण्ड को लेकर भाजपा विधायको ने सदन में भी ये मांगे दोहराई और वाॅक आउट भी किया। सत्त आन्दोलन एवं विधानसभा में बने दबाव के कारण सरकार को मांग माननी पड़ी और पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई को देनी पड़ी। इस मामले को लेकर एक मनगढन्त मुकदमा नं. ..................... अन्तर्गत धारा.................. थाना खेड़लीगंज (जिला अलवर) में डा0 किरोड़ीलाल एवं उनके साथियों के विरूद्ध दर्ज कराया गया जो अभी अदालत में विधाराधीन है। तीन बार
मासलपुर में पुलिस द्वारा फर्जी मुठभेड कर एक व्यक्ति को मार देने पर आन्दोलन।
अमावरा (बामनवास) विस्फोट काण्ड पर तीन दिवसीय धरना।
सवाईमाधोपुर में गौशाला की भूमि हेतु आन्दोलन।
चम्बल की डाउन स्ट्रीम के पानी को लेकर सवाईमाधोपुर में धरना।
भरतपुर में ।उउनदपजपवद थ्ंबजवतल में विस्फोटः- ।उउनदपजपवद थ्ंबजवतल में विस्फोट इतना जबरदस्त था कि आस-पास के कई गांवों के मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गये जनधन की भी व्यापक स्तर पर क्षति हुई। नुकसान की भरपाई हो उस दृष्टि से उस समय भरतपुर पहुंचे रक्षा मंत्री का घेराव किया बाद में कलेक्टेªट पर धरना दिया तो भारत सरकार ने विशेष पैकेज दिया।
पथैना (भरतपुर) टोल टैक्स कांडः- पथैना तथा आस-पास के लोगों से खेड़लीगंज में प्रवेश के समय टोल टैक्स लिया जाता था जिससे लोगों का शोषण हो रहा था। आन्दोलन कर इस अवैध टोल को बन्द करवाया।
नादौती के ग्राम कैमला में अनियमित बिजली सप्लाई के विवाद को लेकर आन्दोलन।
दिनांक 2.6.1999 को धरना पीपल्दा, पिपलेट, सिचाई योजना की स्वीकृति हेतु धरना।
सरमथुरा पुलिस ने (धौलपुर) में 22.4.1999 को मदन पर गोलारी के निर्दोष व्यक्तियों को डकैत समझकर मार दिया उसको लेकर आन्दोलन किया।
25 जनवरी 1999 को सरमथुरा थाना क्षेत्र निवासी भौमपुर हलुका व्यक्ति की डकैतो ने नाक, कान काट दिए उसको लेकर 2 दिन तक सरमथुरा में धरना दिये।
भांवरा काण्डः- जिला सवाईमाधोपुर के ग्राम भांवरा में 4 फरवरी 2000 को पंचायत चुनाव में पोलिंग पार्टी के साथ हुए विवाद को लेकर थ्प्त् छव 20ध्2000 थाना बामनवास में मुकदमा दर्ज हुआ। इस मुकदमे को लेकर पुलिस गांव की जनता के साथ अत्याचार किए। पुलिस ने महिलाओं को निर्वस्त्र कर नंगा दौडाया उससे महिला संगठनों सहित क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। इस इस मामले को लेकर डा. किरोड़ीलाल ने आन्न्दोलन किया पुलिस के दमन एवं अत्याचारों के खिलाफ 26.6.2000 को प्रतिपक्ष के नेता श्रीमान भैरोसिंह शेखावत को बुलाकर एक बडी सभा की। भांवरा के लोग पुलिस के डर के कारण गांव से पलायन कर गये इसलिए 16 फरवरी 2000 को मैने सुकार गांव से भांवरा तक पैदल यात्रा की। महिला संगठन, लोकायुक्त एवं मीडिया तथा सरकार के मंत्री ने माना कि भांवरा में महिलाओं को नंगा कर दौडाया। इस मुद्दे को मैने प्रभावी ढंग से उठाकर जनता को राहत प्रदान की। दो बार
बहरावण्डा कला अपहरण काण्डः- सवाईमाधोपुर के बहरावण्डा के एक युवक को डकैत अपहरण कर मध्यप्रदेश ले गये। फिरौती के लिए बडी रकम मांगी। इसे लेकर मध्यप्रदेश भी गये तथा बाद में बहरावण्डा से पैदल कूच किया इसके बाद पुलिस ने युवक को सुरक्षित बरामद कर लिया।
तीन बच्चों की हत्या को भूत-प्रेत बताने पर न्याय हेतु दो दिवसीय धरना।
बांदीकुई के चेतन सोनी हत्याकाण्ड को लेकर कफ्र्यू का उल्लंघन कर धरना।
मण्डावर के भवानीसिंह हत्याकांड को लेकर 3.2.2000 को मंडावर थाने पर धरना दिया।
आपरेशन पिंक में महेन्द्र मीणा का मकान अवैध रूप से ध्वस्त करने पर आत्महत्या कर लिए जाने को लेकर धरना दिया तथा महेन्द्र के परिवार को आर्थिक पैकेज दिलवाया।
मुस्लिम समाज द्वारा बालाहेडी निवासी मूलचन्द्र प्रजापत की बेटी के अपहरण को लेकर धरना।
आपरेशन पिंक के विरोध में बडी चैपड जयपुर में धरना।