2012
वनस्थली विद्यापीठ में एक छात्रा के साथ बलात्कार को लेकर लोगों में गुस्सा फूट पडा वहां छात्राओं पर बहुत दमन हो रहा था उससे निजात दिलाने के लिए निवाई में धरना दिया।
The historical journey of struggles and public movements led by Dr. Kirodi Lal Meena
Timeline
Year Range
Total Movements
116+
Batches
27
Timeline
Total Movements
116+
Batch
14
वनस्थली विद्यापीठ में एक छात्रा के साथ बलात्कार को लेकर लोगों में गुस्सा फूट पडा वहां छात्राओं पर बहुत दमन हो रहा था उससे निजात दिलाने के लिए निवाई में धरना दिया।
दौसा जिले में बिजली, पानी की समस्याओं को लेकर 2012 में 4 बार धरना।
राजस्थान के सरपंचों की मांगों को लेकर जयपुर में धरना।
समाज सेवी एवं पर्यावरण प्रेमी प्रदीप शर्मा (पचेरीकला तहसील बुहाना, जिला झुन्झुनू) के पौत्र स्वतंत्रता सेनानी प0 ताडकेश्वर शर्मा की सीबीआई जांच के लिए पचेरी में धरना दिया गया।
दौसा में चम्बल का पाली लाने के लिए 28.6.2012 को कलेक्टेªट पर धरना।
आदिवासी छात्रों के आन्दोलन को लेकर डूंगरपुर में धरना 18 मार्च 2012 को हिरासत में लिया।
28 दिसम्बर 2012 को राममनोहर सोनी (दौसा) की हत्या काण्ड एवं छारेडा की मूर्ति चोरी को लेकर कलेक्टेªट पर धरना।
मूर्ति पर मास फैकने परः- मलारना डूंगर में समाज कंटकों ने हनुमान जी की मूर्ति पर जान बूझकर मांस फैंक दिया था इससे धार्मिक भावनाएं बहुत आहत हुई जिससे साम्प्रदायिक तनाब फैल गया। इस घटना पर जबरदस्त आन्दोलन किया जिससे अपराधी पकडे गये।
माली जाति की महिला के प्रसव के दौरान मौत को लेकर आन्दोलनः- सिकन्दरा में डाक्टर की लापरवाही से माली समाज की एक महिला ने आॅपरेशन के दौरान दम तोड़ दिया। अत्यन्त ही गरीब परिवार को संभालने वाला कोई नहीं। पीडिता के परिवार को कुछ आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की गई जब बात नहीं बनी तो डा. किरोडीलाल की अगुवाई में चक्का जाम किया गया। डाक्टर एवं सरकार द्वारा 10 लाख की आर्थिक सहायता देने के बाद 22 घण्टे बाद चक्का जाम/आन्दोलन समाप्त कर दिया।
सवाईमाधोपुर में बजरी के अवैध खनन को लेकर धरना।
जोधपुर जिले के शेरगढ तहसील के चाबा गांव के भाटियों की ढाणी में 29.5.2012 के रात्रि को कमलाराम मील की हत्या कर दी थी उसकी सीबीआई जांच के लिए शेरगढ मुख्यालय पर धरना दिया गया।
बजरी के अवैध खनन को लेकर टोंक में धरना।
बनास नदी में अवैध बजरी खनन पर प्रभावी कार्यवाही किये जाने की दृष्टि से टोंक जिला मुख्यालय पर धरना दिया गया।
टोंक जिले में अवैध बजरी खनन को रोके जाने के लिए गांव नयागांव (अहमदनगर) में एक बडी सभा का आयोजन कर बजरी ‘‘माफिया भगाओं बनास बचाओं’’ आन्दोलन किया गया।
हिंगोनिया गौषाला को लेकर धरना।
महिला बरमादगी गनीपुर-सिकराय को लेकर आन्दोलन।
तुलसीराम ग्राम रूंदपुरा की बिजली के करंट लगने से मौत को लेकर आन्दोलन।
बनास नदी में अवेध खनन को लेकर चैथ का बरवाडा में धरना दिया गया।
बालोती की आशा कुमारी प्रकरण को लेकर आन्दोलन किया गया।
जमवारामगढ वन क्षेत्र की समस्याओं को लेकर धरना। - दो बार
उदयपुर जिले के आदिवासियों की विभिन्न समस्याओं जैसे आदिवासियों की जमीन को मंदिर माफी में नाम गलत रूप से दर्ज कर दिये जाने, गैर आदिवासियों से इस वर्ग की जमीन को छुवाया जाये, मध्यप्रदेश की भांति टीएपी सेल बनाई जाये, पेसा एक्ट लागू किया जाये, भील बाहुल्य खमनोर, नाथद्वारा, कुम्भलगढ, कांकरौली, भादसोडा, कपासन, बडी सादडी, चित्तौडगढ, सुमेरपुर, पिण्डवाडा व गोगुन्दा को टीएसपी में शामिल किये जाने, साबरमती सिंचाई परियोजना के विस्थापितों को भूमि अधिग्रहण विधेयक पारित होने तक बेदखली से रोके जाने, आदिवासियों को पुर्नवास हेतु एवं कोटडा के झेर गांव में भूख से हुई 33 लोगों की मौत को लेकर डा0 किरोडीलाल ने आदिवासियों को साथ लेकर संभागीय आयुक्त कार्यालय उदयपुर का घेराव कर धरना दिया। संभागाीय आयुक्त के आश्वासन के बाद आन्दोलन समाप्त कर दिया गया।
जिला उदयपुर की तहसील कोटडा के सूला गांव में साबरमती डेम का निर्माण किया जा रहा था। जहां साबरमती डेम का निर्माण किया जा रहा था वह जमीन किसानों से अवाप्त की हुई थी लेकिन किसानों को मुआवजा नही दिया जिसे लेकर डा. किरोड़ीलाल ने सैकड़ों आदिवासियों के साथ जमीन लेटो आन्दोलन किया। उचित मुआवजा देने के आश्वासन के बाद आन्दोलन समाप्त कर दिया।
भरतपुर जिले के गोपालगढ कस्बे में पुलिस ने 9 लोगों को नमाज अदा करते समय मस्जिद में गोलियों से मार कर ढेर कर दिया था, उन्हे न्याय दिलाने के लिए डा0 किरोडीलाल ने मेवात के हजारों लोगों के साथ जुरहरा से दिल्ली कूच किया। प्रशासन के आश्वासन के बाद टपूकडा में कूच समाप्त कर दिया।
तहसील महवा के ग्राम गौहण्डी, कौण्डला, कुतकपुर, खोहरामुल्ला, औण्डमीना, तालचिडी, मालपुर, निठार (वैर) डौरावली (करौली) के अवैध खनन को लेकर धरना दिया गया।