1995
ग्राम खण्डीप (गंगापुर) होली का डांडा प्रकरण में धरना।
The historical journey of struggles and public movements led by Dr. Kirodi Lal Meena
Timeline
Year Range
Total Movements
116+
Batches
27
Timeline
Total Movements
116+
Batch
5
ग्राम खण्डीप (गंगापुर) होली का डांडा प्रकरण में धरना।
रेल रोको आन्दोलन बसवाः- बसवा में रेल्वे फाटक 24 घण्टे खुला रहे उसके लिए 24 घण्टे गेटकीपर लगे इस मांग को पूरी करने के लिए बसवा स्टेशन के सामने रेल की पटरी पर बैठ गया और मांग पूरी होने पर हटा।
दौसा में गोपाल जी की मूर्ति चोरी की बरामदगी हेतु आन्दोलन।
आचार्य धर्मेन्द्र की गिरफ्तारी को लेकर भरतपुर में धरना।
गुड्डी देवी (निवासी खण्डीप) की मुक्ति हेतु आन्दोलन।
प्रवीण तोगडिया की सभा को लेकर गंगापुर में धरना।
हरियाणा से यमुना नहर के अतिरिक्त जल का उपयोग करने एवं सवाईमाधोपुर क्षेत्र में बह रही चम्बल के पानी को लिफ्ट द्वारा एक स्थान पर मिलान कर, सवाईमाधोपुर, दौसा, जयपुर, अलवर, भरतपुर जिलों को पानी उपलब्ध कराये जाने हेतु 5.12.96 को दौसा में धरना।
सरपंचों द्वारा भ्रष्टाचार को लेकर दौसा कलेक्टे्ट पर धरना।
जयपुर में लालकोठी स्थित विवादास्पद जमीन पर जेडीए द्वारा जबरन बेदखली को लेकर 20.9. 1996 को धरना दिया गया। श्री रूपसिंह आईपीएस, निवासी जगजीवनपुर की शिकायत पर।
गढहिम्मतसिंह (महवा) में हुए बबलू गुर्जर हत्याकांड को लेकर 17.12.1996 को मण्डावर थाने पर धरना दिया गया। उसके बाद हत्यारे गिरफ्तार हुए।
मल्ली देवी अपहरण एवं बलात्कार कांडः- राजस्थान कैडर के प्च्ै अधिकारी मधुकर टंडन अपने अर्दली सिपाही ख्यालीराम मीणा की पत्नी मल्लीदेवी को दौसा जिले के थाना बांदीकुई के गांव रामबास से 2 फरवरी 1997 को अपहरण कर नोएडा (न्च्) ले गये जहां उसने उसके साथ बलात्कार किया तथा इस आदिवासी महिला को बंधक बनाये रखा। इस घटना को लेकर थ्प्त् छव 69ध्97ए न्ध्ै 366ए 376 प्च्ब् - 3 ैब्ध्ैज् ंबज थाना बांदीकुई में दर्ज कराई गई तथा दूसरी थ्प्त् छव 83ध्97 ए न्ध्ै 376 एवं 3 ैब्ध्ैज् ंबज की थाना नोएडा (न्च्) में भी दर्ज हुई। अर्दली ख्यालीराम ने अपनी पत्नी को छुड़ाने की कोशिश की किन्तु क्प्ळ टंडन ने उसे नहीं छोड़ा। अन्त में मल्ली देवी के पति ख्यालीराम डा. किरोड़ीलाल से मिले जहां डा. किरोड़ीलाल ने पहले बांदीकुई में धरना दिया बाद में जयपुर स्थित सिविल लाईन फाटक पर धरना दिया। मा0 भैरोसिंह शेखावत उस समय राज्य के मुख्यमंत्री थे तथा डा. किरोड़ीलाल दौसा के जिला प्रमुख थे। भैरोंिसह जी ने क्प्ळ मधुकर टंडन को सस्पेंड कर दिया। भरसक प्रयास के बाद भी मघुकर टंडन नहीं पकड़ा गया। इतने में 1998 के विधानसभा चुनाव का बिगुल बज गया जहां कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में इस घटना का जिक्र करते हुए कहा कि अगर कांग्रेस का राज आ गया तो क्प्ळ टंडन को गिरफ्तार कर जेल के सींखचों में डाला जायेगा। 1998 में कांग्रेस का राज भी आ गया कई महीने निकलने के बाद कोई भी कार्यवाही सरकार ने नहीं की तो डा. किरोड़ीलाल पीडि़त महिला मल्लीदेवी एवं उसके पति को लेकर क्प्त् मधुकर टंडन की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठ गये। इस प्रकरण को विधानसभा में भी उठाया, इस समय डा. किरोड़ीलाल बामनवास से विधायक थे। किन्तु सरकार ने कोरे आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं किया। मामला ठंडे बस्ते में चला गया। फिर 2010 में निर्दलीय सांसद रहते दुबारा यह मांग दोहराते हुए डा. किरोड़ीलाल अपने सैकड़ो समर्थको के साथ पुनः सिविल लाईन फाटक पर धरने पर बैठ गये, दो दिन के धरने के बाद डा. किरोड़ीलाल एवं उसके साथियों को आधी रात को गिरफ्तार कर अजमेर जेल में डाल दिया इस समय अशोक गहलोत दूसरी बार मुख्यमंत्री बने थे। कांग्रेस के घोषणा पत्र में जिस आदिवासी महिला के अपहरण कर बलात्कार करने वाले क्प्ळ मधुकर टंडन के गिरफ्तारी का आश्वासन प्रमुखता से दिया था वह क्प्ळ आज तक गिरफ्तार नही हुआ आदिवासी महिला आज भी न्याय की भीख मांग रही है। डा. किरोड़ीलाल की सिविल लाईन फाटक से की गई गिरफ्तारी को लेकर पूरे राज्य में सरकार के विरोध में घरने, प्रदर्शन किए गए। मजबूती से जनता द्वारा विरोध प्रकट किया गया जिस कारण सांसद डा. किरोड़ीलाल को अजमेर जेल से रिहा करना पड़ा। तीन बार
कैलाश सैनी हत्याकाण्ड को लेकर दौसा में आन्दोलन।
मिश्री देवी प्रकरणः- सिकराय के ठीकरिया गांव की एक महिला श्रीमती मिश्रीदेवी सरपंच बन गई, उससे पराजित हुए व्यक्ति ने 15 अगस्त को ग्राम पंचायत कार्यालय पर झंडा नही पहनाने दिया उसके साथ बदसलूकी भी की गई। कांग्रेस का राज था उसके साथ अपराध करने वाले भी कांग्रेस पृष्ठ भूमि के उनके खिलाफ जब कोई भी कार्यवाही नही हुई तो एक बडा धरना दिया गया जिसके बाद अपराधी गिरफ्तार हुए।
अंकित हत्याकांडः- अंकिता हत्याकांड को लेकर धरना देकर हत्यारों को गिरफ्तार करवाया।
करौली में मूर्ति खंडित किए जाने पर आन्दोलन।
रामकुमार गुर्जर हत्याकाण्ड देवरेन (जिला करौली) में पैदल मार्च- जिला करौली के थाना टोडाभीम क्षेत्र के ग्राम देवलेन में गुर्जर समाज के लोगों ने ही गुर्जर समाज के एक व्यक्ति को मारकर पेड की चोटी पर लटकाने से सनसनी फैल गई। इसे आत्महत्या का रूप दिया जाने लगा। गुर्जर समाज के लोगो ने इस मौके पर डा. किरोडीलाल को बुलाया जहां पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के अनुसार वह हत्या थी। कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक मौके पर आ गये थे। गुर्जर समाज के दिग्गज नेता श्री हंसराज गुर्जर इसे आत्म हत्या का रूप देने पर उतारू हो गये वहीं डा. किरोडीलाल ने हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हजारो की भीड के साथ देवलेन गांव से हिण्डौन की तरफ कूच कर दिया इस पर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने महूइब्राहिमपुर भीड को रोककर 302 में मुकदमा दर्ज कर हत्यारों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया तब कूच स्थगित कर दिया गया। बाद में जांच में गांव के लोग ही हत्यारे निकले जिन्हें गिरफ्तार कर लिया।
कम्पूरी देवी गुर्जर प्रकरणः-बामनवास तहसील पहाड़ों पर एक गांव बसा है कोचर वहां ना स्कूल ना सड़क ना पीने का पानी ना ही बिजली, गांव बामनवास के एक और गांव के लोग पहाड से उतर कर दौसा जिला के लालसोट से पानी ले जाते थे। पानी लेने जा रही कोचर की एक महिला कम्पूरी गुर्जरी की प्यास के कारण रास्ते में ही मौत हो गई। इसको लेकर मैने पहले बामनवास में और बाद में लालसोट शहर में धरना दिया। दुकान-दुकान जाकर उस परिवार के लिए 1 लाख 87 हजार रूपये आर्थिक सहयोग हेतु राशि एकत्र की। लम्बा आन्दोलन किया जिसके बाद सरकार ने मांग मानते हुए उस गांव में स्कूल स्वीकृत की, लालसोट से पानी की योजना स्वीकृत की तथा लालसोट की तरफ से सड़क भी लगाई, बिजली भी भेजी। मा0 उच्च न्यायालय ने भी इसमें संज्ञान लिया जिस कारण पीडिता के बेटे को नौकरी भी मिली। इस आन्दोलन में प्रदेश अध्यक्ष मा. ललित किशोर चतुर्वेदी ने भी भाग लिया। दो बार
पहाडिया परिवार की ज्यादतियों को लेकर भुसावर थाने पर धरना।
पदम हत्या काण्ड सलेमपुर थाने में पुलिस अभिरक्षा में हुई सिंघनिया निवासी पदम मीणा की संदिग्ध मौत को लेकर डा. किरोडीलाल ने हिण्डौन में उपखण्ड़ अधिकारी के निवास के बाहर हजारों लोगों के साथ 7 दिवसीय धरना दिया उसके बाद थानेदार को निलंबित किया एवं सारे पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया। इस आन्दोलन में मा. ललित किशोर चतुर्वेदी जी ने भाग लिया।
पारसोला (उदयपुर) हत्याकाण्ड को लेकर आन्दोलन।
पुलिस अत्याचारों को लेकर आन्दोलनः- सपोटरा क्षेत्र में हुई एक डकैती में पुलिस ने निर्दोष लोगों को पकड़कर बेरहमी से मारा-पीटा करीबन तीन दिन पुलिस उनको पीटती रही। थाना सपोटरा पर धरना देने के बाद जब जांच हुई तो डकैती में दूसरे निकले उन्हें गिरफ्तार करवाया।
युवक की हत्या को लेकर धरनाः- टोडाभीम में एक युवक की हत्या कर उसे कुएं में डाल दिया। आन्दोलन किया तो असली हत्यारे का पता लग गया।
कुडगांव-मण्डावरा ऊंट गाडी आन्दोलन- इन छोटे लोगों को जो ऊंट गाडियों से पत्थर का व्यापार करते थे सैल्स टैक्स के अधिकारियों ने परेशान कर रखा था तो उसके हक की लडाई लडी।
संवासा खान आन्दोलनः- ग्राम संवासा (लालसोट) में बडे पैमाने पर खनन कार्य चलता था जिसे विभाग ने रोक दिया उससे सैकडों परिवार बेरोजगार हो गये मैने खुद ने सब्बल उठाओं आन्दोलन करते हुए खान चालू कराई।
अग्निकाण्ड सालिमपुरः- इस गांव के कोली मौहल्ले में आग लग गई जिससे उनका सब कुछ जल गया। बकरियां भी जल गई। उनको सहायता दिलाने के लिए महवा थाने पर धरना दिया।