जनवरी 1986
मेहन्दीपुर बालाजी (जिला दौसा) में वन विभाग की स्थानीय निवासियों को रिहायशी मकान, दुकान एवं धर्मशाला की जमीन बताकर खुर्द बुर्द करने पर आन्दोलन।
डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के संघर्षों और जन आंदोलनों की ऐतिहासिक यात्रा
समयरेखा
वर्ष सीमा
कुल आंदोलन
116+
बैच
27
समयरेखा
कुल आंदोलन
116+
बैच
2
मेहन्दीपुर बालाजी (जिला दौसा) में वन विभाग की स्थानीय निवासियों को रिहायशी मकान, दुकान एवं धर्मशाला की जमीन बताकर खुर्द बुर्द करने पर आन्दोलन।
शराब बन्दी के कारोबार को लेकर श्री गुरूशरण छाबडा की अगुवाई में जयपुर कमिश्नरेट में धरना। - दो बार
डकैतों के खिलाफ आन्दोलनः- खण्डार के छाण में डकैतो द्वारा व्यापारियों को धमकाने/व्यापारियों से अवैध वसूली करने पर सवाईमाधोपुर में धरना।
डकैत अत्याचारः- छाण गांव में डकैतों के अत्याचार को लेकर धरना।
बहरावंडा कांड को लेकर आन्दोलनः-बहरावण्डा के एक युवक को डकैत अपहरण करके ले गये और फिरौती की रकम मांगने लगे। आन्दोलन कर उसे डकैतो से मुक्त कराया।
बस-जीप काण्ड बाण गंगा नदी पर महवा में आन्दोलनः-एक रोडवेज बस के ड्राईवर की लापरवाही से इतना जबरदस्त एक्सीडेन्ट हुआ कि मौके पर चार लोगों की मौत हो गई इसमें कांग्रेस के नेता श्री रामस्वरूप उकडून मौत के मुहॅं में समा गये। पीडितों के परिवार को आर्थिक पैकेज दिलाने के लिए आन्दोलन किया गया।
करौली के कटकड मोड पर गोलीकाण्ड को लेकर आन्दोलनः- गंगापुर के कैलाश मीणा हत्याकाण्ड को लेकर कटकड (करौली) मोड पर जनता विरोध स्वरूप लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्षन कर रही थी किन्तु पुलिस ने प्रदर्षन कारियों पर बिना चेतावनी अंधा-धुन्ध गोलियां चलाई जिससे केदार मीणा की जांघ में गोली लगने से घायल हो गया। केदार के साथ कटकड के कई युवक भी घायल हो गये। केदार एवं उसके साथी दौसा काॅलेज में अध्ययनरत थे। कटकड मोड पर की गई फायरिंग के मामले को लेकर डा. किरोड़ीलाल ने जनता को साथ लेकर अतिरिक्त जिला कलेक्टर करौली का दिन भर घेराव कर दोषी पुलिस कमिर्यो के विरूद्ध मुकदमा दर्ज करवाने की मांग की। दोषी पुलिसकर्मियों के निलम्बन के बाद आन्दोलन वापस ले लिया।
भेड़ भगाओं-वन बचाओं आन्दोलनः- राजस्थान के मारवाड से बर्षातकाल में प्रतिवर्ष हजारो की संख्या में भेड एवं उॅंट करौली, सवाईमाधोपुर में चराई के लिए प्रवेष कर जाते हैं। ये सभी पषुधन जंगल को बुरी तरह से तबाह कर देते थे। वन उपज की तबाही को रोककर वन एवं पर्यावरण को बचाने की दृष्टि से डा. किरोडीलाल ने डांग के लोगों को साथ लेकर भेड भगाओ डांग बचाओं आन्दोलन किया जिसके लिए करीबन एक महीने तक अतिरिक्त जिला कलेक्टर कार्यालय करौली में धरना दिया गया।
कार्यकर्ताओं का दमनः- बून्दी के नैनवा में कार्यकर्ताओं पर प्रशासन आये दिन अत्याचार करता जिसके विरोध में नैनवा में धरना।
टैªक्टर चोरी प्रकरणः- हुडला सरपंच के टैªक्टर की बरामदगी के लिए हिण्डौन वृताधिकारी कार्यालय पर धरना।
जमीन हड़पनाः- करौली के डांक बंगले से सटी महत्वपूर्ण जमीन पर सत्ताधारियों के कब्जे को अति. जिला कलेक्टर करौली तथा संभागीय आयुक्त का घेराव करके धरना दिया।
कालीसिल बांध का पानी छुडवानाः- कालीसिल बांध से सिंचाई हेतु पानी छोडे जाने के लिए सपोटरा में आन्दोलन किया। फसल सूखने लगी थी। सत्ताधारी एवं प्रशासन ने नहीं सुनी तो मैने स्वयं ने जनता को साथ लेकर बांध का पानी पुलिस प्रशासन की भारी संख्या के बीच भी सिंचाई हेतु खोल दिया।
कानून की बेकार स्थिति पर हिण्डौन में धरना।
बाछरैन (भरतपुर) में एक सेठ के डकैती हो गई थी पुलिस ने कोई कार्यवाही नही की मैने थाने पर रातभर धरना दिया तो मुल्जिम पकडा गया तथा डकैती का माल बरामद हो सका।
शिव पंचायत हेतुः- करौली पुरानी कलेक्ट्रेट परिसर में शिव पंचायत बचाओं आन्दोलन किया
रणथम्भौर जमीन प्रकरण को लेकर आन्दोलनः- थ्पमसक क्पतमबजवत श्री फतेह सिंह ने नेशनल पार्क में वन विभाग की जमीन को हेराफेरी कर अपने नाम करा लिया। उसको लेकर 21.4. 1987 को सवाईमाधोपुर कलेक्टेªट पर विशाल धरना दिया गया।
मुक्ति जाटव प्रकरणः- मासलपुर थाने में एक महिला के साथ अन्याय और उत्पीड़न की शिकायत को लेकर आन्दोलन किया गया। डा. किरोड़ीलाल ने पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित कराई, दोषियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज करवाए, जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी कराई और पुलिस प्रशासन पर कार्रवाई के लिए दबाव बनाया। पीड़िता के पुनर्वास के लिए भी सहयोग किया गया। - दो बार
कैलाश हत्याकांड हुआ गंगापुर में उसे मुसलमानो ने इसलिए मार दिया कि काॅलेज में कुछ मुस्लिम युवा एक हिन्दू छात्रा को छेड़ रहे थे, उसने मुसलमान युवको को रोका। मुस्लिम युवकों ने चाकू मार कर काॅलेज कैम्पस में हत्या कर दी कैलाश की। गंगापुर पहुंचकर मैने बड़ी सभा कर हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की हत्यारों को तो पुलिस ने गिरफ्तार किया नहीं उल्टा पुलिस ने मुझ सहित 8 लोगों को गिरफ्तार कर सेवर जेल में डाल दिया। पूरा जिला बन्द कर दिया जनता ने। जिला सवाईमाधोपुर, करौली के गांव-गांव जलने लगे। पूरी जनता सड़क पर उतर आई। सरकार झुकी और हमें बिना शर्त सेवर जेल से छोड़ दिया। चार बार आन्दोलन
जैतपुर कांड को लेकर आन्दोलन।
भेड़ भगाओं वन बचाओं आन्दोलनः- अलवर जिले की तहसील थानागाजी के ग्राम कूण्डला वन क्षेत्र में मारवाड़ की भेड बडे पैमाने पर जंगल को नष्ट कर रही थी उनकी स्थाई रोकथाम के लिए कूंडला में सभा कर तीन दिवसीय धरना दिया गया।
खुराड मुक्ति आन्दोलनः- खुराड मुक्ति आन्दोलन जयपुर (आमेर के खुराड गांव को एक सामन्त से मुक्त कराया)। एक सामन्त ने पूरे गांव को कटीले तार लगाकर कैद कर लिया था। गांव वाले शमशान में भी शव को दाह संस्कार के लिए नहीं ले जा सकते थे उस सामन्त का आन्दोलन कर आतंक समाप्त करवाया तथा गांव को मुक्त करवाया।
झूथाहेडा में डकैती की घटना को लेकर धरना।
टोडाभीम में डकैती की घटना को लेकर धरना।
कटकड में महिला सहयोगिनी के साथ हुए बलात्कार को लेकर आन्दोलन।
इसी प्रकार गांव वीरपुर तहसील महवा में कुआं खोदते समय दो व्यक्ति दबकर मर गये जनान्दोलन कर उनको दो-दो लाख रूपये की आर्थिक सहायता दिलाई।