2010
घाटा मेहन्दीपुर बालाजी में मीन भगवान मंदिर निर्माण के लिए जमीन दिलाने हेतु कलेक्ट्रेट दौसा पर धरना दिया।
डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के संघर्षों और जन आंदोलनों की ऐतिहासिक यात्रा
समयरेखा
वर्ष सीमा
कुल आंदोलन
116+
बैच
27
समयरेखा
कुल आंदोलन
116+
बैच
12
घाटा मेहन्दीपुर बालाजी में मीन भगवान मंदिर निर्माण के लिए जमीन दिलाने हेतु कलेक्ट्रेट दौसा पर धरना दिया।
भूरा सांथा हत्याकांडः- सांथा के भूरा हत्याकांड की पुलिस अभिरक्षा में मौत हो गई थी जिसके लिए आन्दोलन कर पुलिस ज्यादती करने वाले थानेदार एवं अन्य स्टाफ को निलंबित करवाया गया तथा उनके विरूद्ध हत्याका मुकदमा दर्ज होने के बाद आन्दोलन समाप्त कर दिया गया।
भील युवती अपहरण कांडः-मनोहर थाना (जिला झालावाड) में एक भील युवती के साथ दरिन्दो द्वारा 15.9.2010 को बलात्कार किया तथां दबंगो द्वारा भीलो की हत्या कर दिये जाने के सम्बन्ध में मनोहर थाना कस्बे में कूच किया। पुलिस ने कस्बे में जाने से रोका तो समर्थकों सहित वहीं धरने पर बैठ गया जहां से पुलिस ने 151 ब्तचब में गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया।
30.8.2010 को छात्रों की मांग को लेकर राजगढ में रेल रोको आन्दोलन- राजगढ में छात्रसंघ चुनावों को लेकर भारी भ्रष्टाचार किए गये इसे लेकर राजगढ में रेल रोको आन्दोलन किया गया जिस कारण पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज कर लिया।
जन समस्याओं को लेकर 13 जनवरी 2010 को फिर रेल पट्री दौसा पर धरना।
भाजपा रैलीः- दिनांक 3.11.2010 को भ्रष्टाचार के विरूद्ध मुहिम को लेकर हजारों लोगों के साथ दौसा में पड़ाव।
बामनवास (जिला सवाईमाधोपुर) थाने के पुलिसकर्मियो द्वारा तीन जुगाड चालको से 15000 रूपय रिश्वत के लिए दिनांक 20.12.2010 को वापिस कराने हेतु बामनवास थाने पर धरना।
प्रदेश में जुगाड पर लगी रोक हटाने की मांग को लेकर दौसा से जयपुर कूच दिनांक 30.3.2010 को किया गया। कानोता के पास करीबन 50 हजार लोगो को रोक लिया। सरकार ने जुगाड चालू कर दिये।
एन.टी.टी छात्राओं की मांगों को लेकर गोलमा एवं डा. किरोडीलाल ने धरना दिया।
शंकर खडका हत्याकांड दौसा को लेकर धरना।
लालसोट के चांदसैन में हुए अग्निकांड में आर्थिक सहायता दिलाने हेतु धरना।
मण्डावर में तहसील खोले जाने हेतु धरना।
गढी बांधवा नृसिंह भगवान की भूमि विवाद के निस्तारण हेतु करौली में धरना।
चांदसैन (लालसोट) प्रकरण को लेकर 2011 में आन्दोलन किया गया।
बिलौनी बिलौनी हत्याकांड को लेकर डकैतों के खिलाफ बीहडों में पद यात्राः- वर्ष 2011 में धौलपुर एवं करौली के ड़ांगों में डकैतो का फिर से आतंक बढ़ गया, डकैत मशरूम की तरह पैदा हो गये। सरमथुरा थाना क्षेत्र के गांव बिलौनी की खानों में डकैत मजदूरों से उगाही लेने पहुंचे, उगाही नही दी तो हाथों में कील ठोक दी और चेतावनी दी या तो 15 दिन में उगाही दे देना नहीं तो जान से मार देंगे। इसकी शिकायत मजदूरों ने पुलिस को कर दी इससे डकैत भंवर मीणा नाराज हो गया और दिन दहाडे़ तीन लोगों को गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतार दिया। मुकदमा दर्ज हुआ, घटना का एक मात्र आखों देखा गवाही देने जा रहा था तो डकैतों ने उसे रास्तें में गोली से उड़ा दिया और उसकी लाश कोे डकैतों ने टैªक्टर से कुचल दिया। परिजन थाने से लेकर मुख्यमंत्री तक 11 महीनें तक न्याय की गुहार करते रहे किन्तु कुछ भी मद्द नहीं मिली। उल्टा डकैतों ने विधवा औरतों को धमकाकर गांव खाली करवा कर दर-दर भटकने को मजबूर कर दिया। 11 महीने बाद चारों विधवा महिलाएं डाॅ॰ किरोड़ी के पास आई और न्याय की भीख मांगी। उनकी रूदन सहन नही डाॅ॰ किरोड़ीलाल सहन नही कर पाये और पुनः खुद हाथ में हथियार लेकर इस उम्र में फरवरी 2011 में बीहड़ों में डकैतों के खिलाफ पद यात्रा में कूद पडे धौलपुर से करौली तक 40 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर कलेक्ट्रेट पर विधवाओं को साथ लेकर धना दिया, उन महिलाओं को पांच-पांच लाख रूपये तथा हथियार दिलायें एवं आन्दोलन का परिणाम हुआ कि धौलपुर में 22 डकैतों एक करौली में 17 डकैतों ने पुलिस के सामने समर्पण कर दिया जिससे बीहड़ पुनः डकैत मुक्त हो गया और लोग चैन से रहने लग गये। दो बार
सूरवाल कांडः- सवाईमाधोपुर के सूरवाल (फूल मोहम्मद एवं राजेश मीणा के आत्मदाह) को लेकर आन्दोलन। सूरवाल गांव में एक आन्दोलन के दौरान थानेदार को आग के हवाले कर दिया जिसके कारण उसकी मौत हो गई किन्तु जब इस मामले में पुलिस गांव के निर्दोष लोगों को तंग करने लगी तो उनके बचाने के लिए आन्दोलन किया। दो बार।
गोपालगढ काण्डः- राजस्थान, हरियाणा एवं उत्तरप्रदेश के मेवात क्षेत्र के लोगों में डा. किरोडीलाल के अदभुत आन्दोलन के कारण जल जला पैदा हो गया। इस दौरान डा. किरोडीलाल दौसा से निर्दलीय सांसद थे जो गुजरात के मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के बुलावे पर सद्भावना मिशन कार्यक्रम में शामिल होने अहमदाबाद (गुजरात) पहुंचे, जहां मोदी जी ने गोपालगढ कांड को और प्रभावी ढंग से उठाने का आग्रह किया। डा. किरोडीलाल ने इस आन्दोलन को इतना परवान चढा दिया कि मजबूर होकर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री राहुल गांधी को मोटर साईकिल द्वारा मेवात क्षेत्र का भ्रमण करना पडा। राज्य सरकार ने मेवात में डा. किरोडीलाल के प्रवेश पर पाबन्दी लगा दी फिर भी कफ्र्यू को चीरते हुए जयपुर से मोटरसाईकिल द्वारा मेवात के गांवों में भ्रमण कर उनको जगाया तथा सरकार को झुकाया। इसके लिए डा. किरोडीलाल ने दो बड़ी सभा राजस्थान के मेवात में की तथा एक विशालतम सभा हरियाणा के बींवा में कर लाखों की भीड के साथ हरियाणा से राजस्थान की सीमा में पैदल केच कर प्रवेश करने के बाद सरकार ने हथियार डाल दिए जिससे सरकार ने भरतपुर के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को निलंबित कर दिया। इसमें 9 लोगों को नमाज अदा करते समय मस्जिद में गोलियों से मार कर ढेर कर दिया था उनके प्रत्येक के परिवार को 5 लाख रूपये की आर्थिक सहायता दिलाई तथा पूरा प्रकरण सीबीआई को सुपुर्द करने के बाद आन्दोलन समाप्त कर दिया गया। चार बार
एनआरएचएम कर्मियों की मांगों को लेकर धरना, सिविल लाइन्स जयपुर पर।
पानी के लिए धरनाः- खण्डीप रेल्वे स्टेशन पर पांचना का पानी मिले इसके लिए धरना दिया गया। सांकेतिक धरना रेल्वे ट्रेक पर दिया, फिर ट्रेन से बैठकर करीबन 800 महिलाएं मेरे नेतृत्व में सवाईमाधोपुर पहुंची और कलेक्टर कैम्पस में पानी के लिए यह दूसरी बार आन्दोलन था।
राजगढ क्षेत्र की च्तपअंजम जीपों से राजगढ नगरपालिका ने टैक्स के नाम पर अवैध वसूली चालू कर दी। इसके विरोध में 31.7.2011 को 700-800 जीपों को लेकर माचाडी से अलवर कूच।
लालसोट (जिला दौसा) के ग्राम उगरियावास की वृद्ध दम्पति के हत्यारों का पता लगाने के लिए दो बार रामगढ पचवारा पर धरना दिया और हत्यारों को गिरफ्तार करवाया। इस घटना में वारदाती महिला केे पैर काटकर कडे ले गये थे।
बिजली की अनियमित आपूर्ति, भ्रष्टाचार एवं किसानों की समस्याओं को लेकर महवा में धरना।
कोलवा (दौसा) के रेल्वे स्टेशन को बन्द करने के निर्णय के बाद क्त्ड कार्यालय में धरना दे दिया और स्टेशन को बरकरार चालू रखवा दिया।
गोपालगढ कांड को लेकर जयपुर के उद्योग मैदान में मेवात के लोगों के साथ धरना।